
रूस के गैस-रासायनिक कॉम्प्लेक्स में आग। (Screen Grab - x/@NOELreports)
रूस के सुदूर पूर्व में अमूर गैस-केमिकल प्लांट में इस हफ्ते लगी भीषण आग का कहर बढ़ता जा रहा है। प्लांट प्रशासन ने गुरुवार को बताया कि मौतों का आंकड़ा अब 15 तक पहुंच गया है। इनमें 14 विदेशी मजदूर हैं।
बुधवार को सात मौतों की खबर आई थी, जिसमें छह चीनी नागरिक शामिल थे। गुरुवार को प्लांट ने टेलीग्राम पर साफ कहा कि 15 में से 14 विदेशी हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता का पूरा ब्योरा नहीं दिया।
यह रूस की कंपनी 'सिबुर' और चीन की 'साइनोपेक' का संयुक्त प्रोजेक्ट है। यह दुनिया के सबसे बड़े पॉलीइथिलीन और पॉलीप्रोपिलीन बनाने वाले प्लांटों में गिना जाता है।
यहां सालाना 23 लाख टन पॉलीइथिलीन और चार लाख टन पॉलीप्रोपिलीन बनाने का टार्गेट रखा गया था। निर्माण का काम चल रहा था और उत्पादन शुरू करने की तैयारी हो रही थी।
आग लगने के बाद 39 मजदूर अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से नौ को हवाई जहाज से मास्को के अस्पतालों में भेजा गया है। प्लांट प्रशासन का कहना है कि जो हिस्से क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं, वहां निर्माण और तैयारी का काम जारी रहेगा।
रूस की जांच एजेंसी ने इस घटना को औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा है। आग कैसे लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई? इसकी जांच चल रही है।
यह हादसा उन मजदूरों के लिए बहुत दुखद है जो दूर देश आकर काम कर रहे थे। ज्यादातर मौतें चीन के मजदूरों की हुईं हैं। प्लांट अभी शुरू भी नहीं हुआ था, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में जानें चली गईं।
स्थानीय प्रशासन और प्लांट अधिकारी अब घायलों के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं। मास्को भेजे गए मजदूरों की हालत की नियमित जानकारी दी जा रही है। खास बात यह है यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में यह घटना हुई है।
शुरू में यह अनुमान लगाया गया था कि यूक्रेन के हमले के चलते इस प्लांट को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, रूस और प्लांट की ओर से खुलकर इस बारे में अब तक नहीं बताया गया है।
Updated on:
27 Aug 2026 05:58 pm
Published on:
27 Aug 2026 05:58 pm
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