27 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस के गैस-केमिकल प्लांट में बड़ा हादसा, अब तक 15 की मौत, मरने वालों में ज्यादातर चीन के नागरिक

Russia Fire Incident: रूस के अमूर गैस-केमिकल प्लांट में भीषण आग से अब तक 15 मजदूरों की मौत हो गई है। इसमें ज्यादातर चीनी नागरिक हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Aug 27, 2026

Russian gas plant fire.

रूस के गैस-रासायनिक कॉम्प्लेक्स में आग। (Screen Grab - x/@NOELreports)

रूस के सुदूर पूर्व में अमूर गैस-केमिकल प्लांट में इस हफ्ते लगी भीषण आग का कहर बढ़ता जा रहा है। प्लांट प्रशासन ने गुरुवार को बताया कि मौतों का आंकड़ा अब 15 तक पहुंच गया है। इनमें 14 विदेशी मजदूर हैं।

बुधवार को सात मौतों की खबर आई थी, जिसमें छह चीनी नागरिक शामिल थे। गुरुवार को प्लांट ने टेलीग्राम पर साफ कहा कि 15 में से 14 विदेशी हैं, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता का पूरा ब्योरा नहीं दिया।

चीन और रूस की कंपनी ने मिलकर बनाया प्लांट

यह रूस की कंपनी 'सिबुर' और चीन की 'साइनोपेक' का संयुक्त प्रोजेक्ट है। यह दुनिया के सबसे बड़े पॉलीइथिलीन और पॉलीप्रोपिलीन बनाने वाले प्लांटों में गिना जाता है।

यहां सालाना 23 लाख टन पॉलीइथिलीन और चार लाख टन पॉलीप्रोपिलीन बनाने का टार्गेट रखा गया था। निर्माण का काम चल रहा था और उत्पादन शुरू करने की तैयारी हो रही थी।

39 मजदूर अस्पताल में भर्ती

आग लगने के बाद 39 मजदूर अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से नौ को हवाई जहाज से मास्को के अस्पतालों में भेजा गया है। प्लांट प्रशासन का कहना है कि जो हिस्से क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं, वहां निर्माण और तैयारी का काम जारी रहेगा।

रूस की जांच एजेंसी ने इस घटना को औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा है। आग कैसे लगी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई? इसकी जांच चल रही है।

अभी शुरू भी नहीं हुआ था प्लांट

यह हादसा उन मजदूरों के लिए बहुत दुखद है जो दूर देश आकर काम कर रहे थे। ज्यादातर मौतें चीन के मजदूरों की हुईं हैं। प्लांट अभी शुरू भी नहीं हुआ था, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में जानें चली गईं।

स्थानीय प्रशासन और प्लांट अधिकारी अब घायलों के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं। मास्को भेजे गए मजदूरों की हालत की नियमित जानकारी दी जा रही है। खास बात यह है यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में यह घटना हुई है।

शुरू में यह अनुमान लगाया गया था कि यूक्रेन के हमले के चलते इस प्लांट को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, रूस और प्लांट की ओर से खुलकर इस बारे में अब तक नहीं बताया गया है।