
Iran Earthquake Latest News: ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय समयानुसार धरती तेज झटकों से कांप उठी। सैलैंड और उसके आस-पास के इलाकों में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 मापी गई है। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 12 किलोमीटर की गहराई में था, जिसके कारण झटके काफी जोरदार महसूस किए गए। सरकारी प्रसारक आईआरआईबी (IRIB) के अनुसार, भूकंप आते ही लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए।
इस भूकंप का केंद्र जमीन के नीचे महज 12 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई पर केंद्र होने की वजह से झटकों का असर बेहद तीखा और डरावना था। जैसे ही धरती डोलनी शुरू हुई, घरों में रखा सामान गिरने लगा और घबराए हुए लोग अपनी जान बचाने के लिए खुले मैदानों की तरफ दौड़ पड़े। स्थानीय प्रशासन अब सरंद और उसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में हुए नुकसान की जमीनी हकीकत जानने के लिए सर्वे कर रहा है।
सीस्मोलॉजिस्ट की चेतावनी: उथले केंद्र (Shallow Depth) वाले भूकंप हमेशा ज्यादा खतरनाक होते हैं। 12 किलोमीटर की गहराई पर आया यह झटका ग्रामीण इलाकों की कच्ची छतों और पुरानी इमारतों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो ईरान दुनिया के सबसे संवेदनशील सीस्मिक जोन (Seismic Zones) यानी भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यह देश कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) के जोड़ पर स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।
ईरान का अधिकांश हिस्सा अरेबियन और यूरेसियन प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में आता है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे पर दबाव बनाती हैं, तो फॉल्ट लाइन्स के जरिए भारी ऊर्जा रिलीज होती है, जो भूकंप का रूप ले लेती है।
ऐतिहासिक तबाही: इससे पहले साल 2003 में ईरान के बाम (Bam) शहर में 6.6 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसने पूरे शहर को खंडहर में तब्दील कर दिया था और करीब 26,000 लोगों की जान ले ली थी।
खुज़ेस्तान प्रांत में आए इस ताजा भूकंप के बाद प्रशासन बेहद सतर्क है, क्योंकि इस क्षेत्र में तेल और गैस के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं। राहत और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित गांवों से विस्तृत रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।