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परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे- ईरान के डील तोड़ने पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

Donald Trump Iran Deal: ट्रंप ने ईरान के अंतरिम समझौते से हटने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध का मुख्य मकसद ईरान को कभी भी न्यूक्लियर वेपन न बनाने देना है।
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 19, 2026

Donald Trump statement, Strait of Hormuz blasts

ईरान को ट्रंप की नई चेतावनी | फोटो सोर्स- IANS

Donald Trump Iran Deal Latest Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के अंतरिम समझौते (MoU) से पीछे हटने के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें ईरान के इस फैसले की कोई चिंता नहीं है। उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता यही है कि ईरान कभी भी न्यूक्लियर वेपन हासिल न कर सके। इस बीच दोनों देशों के बीच हमले तेज हो गए हैं।

ईरान ने MoU लागू करने से किया इनकार

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी थी। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद को कम करना था। लेकिन अब ईरान ने इस समझौते को लागू करने से इनकार कर दिया है।

अब ईरान का कहना है कि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई कर समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों की आपसी जिम्मेदारियों पर आधारित था। जब अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं, तो ईरान भी इसके पालन के लिए बाध्य नहीं है।

वहीं ट्रंप ने इस फैसले को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध का असली उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। अमेरिका लगातार दावा करता रहा है कि वह क्षेत्र में परमाणु खतरे को खत्म करना चाहता है।

ड्रोन हमले और सैन्य कार्रवाई से बढ़ा तनाव

इस विवाद के बीच ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव भी तेज हो गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान क्षेत्र के अहवाज शहर में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को नष्ट कर दिया है।

बता दें MQ-9 ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य अभियानों के लिए किया जाता है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी है। अमेरिका का कहना है कि ये ऑपरेशन क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका समझौतों का सम्मान नहीं करता। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं कमजोर होती दिख रही हैं। परमाणु कार्यक्रम, सैन्य कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।