
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Iran-US-War: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग लगातार गंभीर होती जा रही है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज है। इसी बीच इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, उत्तरी इराक में गिराए गए एक ईरानी ड्रोन के विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई है। इस घटना में एक अन्य सैनिक घायल भी हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है। अमेरिका का कहना है कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। इस घटना के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है।
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच इराक लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल आउन वॉशिंगटन पहुंचे हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व की सुरक्षा और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी का मानना है कि इस मुलाकात से फिलहाल कोई बड़ा समाधान निकलने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि लेबनान की सेना से हिजबुल्लाह को हथियार छोड़ने की शर्त बेहद संवेदनशील है और इसे लागू करना आसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत के जरिए कोई समझौता होता है तो भविष्य में स्थिति बदल सकती है, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना काफी कम दिखाई देती है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने लगातार नौवीं रात भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का मकसद उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल होर्मुज़ स्ट्रैट में जहाजों पर हमले के लिए किया जा रहा है। अमेरिका ने यह भी कहा कि उसने समुद्री नाकाबंदी के दौरान कई व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला और एक जहाज को निष्क्रिय किया। वहीं ईरान के परमाणु विभाग के अनुसार, निर्माणाधीन डारखोविन परमाणु बिजली परियोजना पर भी कई प्रोजेक्टाइल गिरे हैं।
Updated on:
20 Jul 2026 07:30 am
Published on:
20 Jul 2026 07:17 am
