
ईरान पर अमेरिका का हमला। (फाइल फोटो- IANS)
ईरान ने आज एक बड़े दावे से दुनिया भर में खलबली मचा दी है। उसने कहा है कि अमेरिका ने उसके दक्षिण-पश्चिमी खूजिस्तान प्रांत में बन रहे दरखोविन परमाणु पवार प्लांट पर हमला किया है।
ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और ईरान की संप्रभुता पर हमला बताया है। यह घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 3:40 बजे हुई।
ईरान ने इसे 'आक्रामक और बर्बर कार्रवाई' करार दिया है। हालांकि, अभी तक इसमें किसी हताहत या भारी नुकसान की खबर नहीं आई है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित होने वाली इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए ) ने कहा कि वह ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के डारखोविन में बन रहे एक न्यूक्लियर पावर प्लांट की साइट पर रात में हुए हमले की खबरों की जांच कर रही है।
यूएन एजेंसी ने आगे कहा- यह प्लांट अभी शुरुआती निर्माण चरण में है और जब एजेंसी ने पिछली बार इसका दौरा किया था, तो वहां कोई परमाणु सामग्री नहीं थी।
एजेंसी ने कहा कि इस कथित हमले से किसी भी तरह का रेडियोलॉजिकल खतरा होने की आशंका नहीं है, लेकिन डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रोसी ने सभी परमाणु-संबंधी साइटों के आसपास सैन्य संयम बरतने की अपील दोहराई है।
ईरानी सेना ने अमेरिका के इस कथित हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। ईरानी सेना के बयान के अनुसार, उसके ड्रोन ने कुवैत में स्थित अमेरिकी अली अल सलेम एयर बेस और अल-अदीरी कैंप पर दो चरणों में हमला किया। ईरान इसे अमेरिकी हमलों का बदला बताया है।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने हॉर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को भी रोका। ईरान की नेवी ने कहा कि ये जहाज अमेरिकी समर्थन के साथ असुरक्षित रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।
नेवी ने चेतावनी दी कि स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण ईरान के पास है। बिना ईरान की अनुमति के कोई भी तेल, गैस या केमिकल फर्टिलाइजर का परिवहन संभव नहीं है।
मध्य पूर्व में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक अभी भी पूरी तरह अलर्ट पर हैं। उधर, ईरान का कहना है कि अमेरिका की ये कार्रवाइयां क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं। दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है और पूरी दुनिया इस पर नजर रखे हुए है।
Updated on:
19 Jul 2026 08:38 pm
Published on:
19 Jul 2026 08:38 pm
