विदेश

ईरान में विदेशी घुसपैठ की बड़ी साजिश बेनकाब, फ्रांस को सीधी चेतावनी, कहा- दोबारा हरकत हुई तो मिलेगा माकूल जवाब

Arrest of French diplomat: ईरान ने फ्रांस पर बड़ा आरोप लगाते हुए दो राजनयिकों को जासूसी नेटवर्क मामले में हिरासत में लिया। जानें पूरा मामला और ईरान की चेतावनी का ब्योरा।
2 min read
Aug 16, 2026
Hormuz Strait, Iran Oman Talks, Ismail Baghaei, Iran News, Oman News, Hormuz Strait News, Iran US Tensions,
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई (फोटो - एएनआई)

Iran-France diplomatic dispute: ईरान और फ्रांस के रिश्तों में तल्खी बढ़ गई है। ईरान ने दावा किया है कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले एक जासूनी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस नेटवर्क में दो फ्रांसीसी राजनयिक भी शामिल थे। ईरान ने बताया कि आरोपियों की पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें फ्रांसीसी राजदूत के हवाले कर दिया गया।

ईरानी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान की खुफिया एजेंसी की टीमें एक अदालती आदेश के तहत दो संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान टीम की मुलाकात इन दो फ्रांसीसी राजनयिकों से हुई। खुफिया एजेंसी ने बताया कि पहचान की पूरी जांच करने के बाद उसने विदेश मंत्रालय को सूचित किया और फिर राजनयिक पुलिस की मौजूदगी में दोनों को फ्रांसीसी राजदूत को सौंप दिया गया।

बड़ी खुफिया घुसपैठ के मिले सबूत: ईरानी खुफिया मंत्रालय

समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी खुफिया मंत्रालय ने कहा कि जांच स्थल से बरामद दस्तावेजों की शुरुआती पड़ताल में एक बड़ी विदेशी घुसपैठ योजना के सबूत मिले। खुफिया मंत्रालय ने कहा कि संदिग्ध लोगों ने ईरान के अंदर और बाहर प्रभावशाली व्यक्तियों से पहचान बनाने की कोशिश की और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की। वह पूरी गोपनीयता के साथ एक खुफिया नेटवर्क बनाने में जुटे थे। मंत्रालय ने दावा किया कि इस काम को अंजाम देने के लिए दस्तावेजों में मिले कुछ अनुबंधों पर ईरान में तैनात रहे फ्रांस के पूर्व राजदूत के दस्तखत भी मौजूद हैं। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि फ्रांस सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना होगा।

बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं: ईरान

ईरानी खुफिया मंत्रालय ने इस पूरी घटना को युद्ध के दौरान ईरान के आंतरिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप और कूटनीतिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी विदेशी राजनयिक को ईरान की जमीन पर गैरकानूनी और हस्तक्षेप वाली गतिविधियां करने की इजाजत नहीं देगा। साथ ही यह भी कहा गया कि अगर ऐसी हरकत दोबारा हुई तो जिम्मेदार लोगों को इसका माकूल जवाब दिया जाएगा।

यूरोपीय देशों के खिलाफ भड़के ईरान के नेता

गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची फ्रांस समेत यूरोप के करीब दो दर्जन देशों पर भड़क उठे थे। दरअसल इन देशों ने ईरान में प्रदर्शनकारियों को दी जा रही कथित फांसी की सजा की निंदा की थी। इसके जवाब में अराघची ने एक्स पर लिखा था कि फ्रांस जैसे देशों को मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून पर दुनिया को उपदेश देना बंद करना चाहिए। उन्होंने गाजा में इजरायल के समर्थन और ईरान के खिलाफ कार्रवाई का हवाला देते हुए इन देशों के दोहरे रवैये पर सीधा हमला बोला था।

Updated on:
16 Aug 2026 07:23 am
Published on:
16 Aug 2026 07:23 am