Iran To Give Visa Free Entry To Indians: अब एक और देश भारतीयों को बिना वीज़ा के एंट्री देगा। कौनसा है वो देश? आइए जानते हैं।
दुनियाभर में पर्यटन के दीवानों की कमी नहीं है। साथ ही आर्थिक नज़रिए से भी देशों के लिए पर्यटन काफी फायदेमंद है। पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलती है। कई देशों के लिए पर्यटन कमाई का एक बेहतरीन जरिया है। पर्यटन से दुनियाभर के देशों में इससे जुड़े दूसरे कई व्यवसायों को भी काफी मदद मिलती हैं। पिछले कुछ सालों में भारत की छवि दुनियाभर में ही काफी बेहतरीन हो गई है और इस वजह से आजकल दुनिया के कई देश भारतीय पर्यटकों को काफी अहमियत दे रहे हैं। विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में भी तेज़ी से इजाफा हुआ है और ऐसे में कई देश चाहते हैं कि भारतीय पर्यटक ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वहाँ घूमने के लिए आए। ऐसे में कई देश जहाँ भारतीय पर्यटकों को वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं तो अब कुछ देशों ने भारतीय पर्यटकों को बिना वीज़ा के एंट्री देना भी शुरू कर दिया है। कुछ समय पहले ईरान (Iran) ने भी भारतीयों को बिना वीज़ा के एंट्री देने का फेसला लिया था। 4 फरवरी से यह फैसला लागू भी हो गया है।
सिर्फ माननी होंगी 4 शर्तें
जो भारतीय बिना वीज़ा के ईरान घूमने जाना चाहते हैं उन्हें सिर्फ 4 शर्तें माननी होंगी। आइए नज़र डालते हैं उन चार शर्तों पर।
1) जिन भारतीयों के पास सामान्य पासपोर्ट है, वो हर 6 महीने में एक बार बिना वीज़ा के ईरान जा सकेंगे। पर बिना वीज़ा के यह यात्रा सिर्फ 15 दिन के लिए ही हो सकेगी और इस समयावधि को बढ़ाया नहीं जा सकेगा।
2) 15 दिन से ज़्यादा ईरान में रहने के लिए या फिर 6 महीने में एक से ज़्यादा बार ईरान जाने के लिए बिना वीज़ा के एंट्री नहीं मिलेगी।
3) बिना वीज़ा के ईरान में एंट्री सिर्फ उन भारतीयों को ही मिलेगी जो सिर्फ घूमने के इरादे से यात्रा कर रहे हैं।
4) ईरान में बिना वीज़ा एंट्री पाने के लिए भारतीयों को फ्लाइट से यात्रा करनी होगी।
पर्यटन को बढ़ाने के लिए फैसला
ईरान अपने देश में पर्यटन को बढ़ाना चाहता है। भारत से कई पर्यटक ईरान जाते हैं। ऐसे में भारतीय पर्यटकों को और लुभाने और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए ईरान ने यह फैसला लिया है। इतना ही नहीं, ईरान दूसरे 32 देशों के पर्यटकों को भी लुभाकर अपने देश में पर्यटन को बढ़ाना चाहता है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
ईरान के इस फैसले से देश में पर्यटन बढ़ने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी काफी फायदा मिलेगा और इसी वजह से यह फैसला लिया गया।
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