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ब्रिटेन में ईरानी पत्रकार पर हमले के दोषी दो रोमानियाई नागरिकों को जेल, कोर्ट ने सुनाई लंबी सजा

Pouria Zeraati: ब्रिटेन की वूलविच क्राउन कोर्ट ने ईरान इंटरनेशनल के पत्रकार पूरिया जेराती पर हमले के मामले में दो रोमानियाई नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 8 और 12 साल की जेल की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि दोनों कथित तौर पर ईरानी सरकार के 'क्रिमिनल प्रॉक्सी' के रूप में काम कर रहे थे।
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Jul 03, 2026
Pouria Zeraati
ईरानी पत्रकार पर हमले के दोषी दो रोमानियाई नागरिकों को जेल(फोटो-X/@CrimeLdn)

Iran International Journalist: ब्रिटेन की एक अदालत ने ईरान इंटरनेशनल के पत्रकार पर जानलेवा हमले के मामले में दो रोमानियाई नागरिकों को दोषी ठहराते हुए लंबी जेल की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि दोनों हमलावर पैसों के लिए काम कर रहे थे, लेकिन वे कथित तौर पर ईरानी सरकार के 'क्रिमिनल प्रॉक्सी' के रूप में इस साजिश को अंजाम दे रहे थे। वूलविच क्राउन कोर्ट ने शुक्रवार को 21 वर्षीय रोमानियाई नागरिक नंदितो बाडेया (Nandito Badea) और 25 वर्षीय जॉर्ज स्टाना (George Stana) को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से हमला करने का दोषी ठहराया। अदालत ने नंदितो बाडेया को आठ साल और जॉर्ज स्टाना को 12 साल की जेल की सजा सुनाई।

एक महीने तक की थी पत्रकार की रेकी

अभियोजन के अनुसार, दोनों आरोपी उस टीम का हिस्सा थे जो रोमानिया से ब्रिटेन पहुंची थी। उन्होंने लंदन के क्वींसमेयर रोड स्थित उस अपार्टमेंट परिसर की करीब एक महीने तक निगरानी की, जहां निशाने पर मौजूद पत्रकार रहते थे। जांच में सामने आया कि यह पूरी कार्रवाई पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई थी।

ईरान इंटरनेशनल के चर्चित पत्रकार थे निशाने पर

हमले का निशाना ईरान इंटरनेशनल के वरिष्ठ प्रस्तोता (प्रेजेंटर) पूरिया जेराती (Pouria Zeraati) थे। ईरान इंटरनेशनल पश्चिमी लंदन के चिस्विक से संचालित ईरानी असंतुष्टों का एक टीवी नेटवर्क है। नेटवर्क, उसके कर्मचारियों और उनके परिवारों को लगातार मिल रही धमकियों के बाद संस्थान ने फरवरी 2023 में अस्थायी रूप से अपना संचालन अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी ट्रांसफर कर दिया था।

'वॉन्टेड: डेड ऑर अलाइव' पोस्टरों में भी था नाम

अदालत को बताया गया कि पूरिया जेराती उन पत्रकारों में शामिल थे, जिनकी तस्वीरें ईरान की राजधानी तेहरान में लगाए गए 'Wanted: Dead or Alive' पोस्टरों पर प्रकाशित की गई थीं। इन पोस्टरों को पत्रकारों के खिलाफ धमकी और डर का माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया था।

अभियोजन का दावा- ईरानी सरकार के 'प्रॉक्सी' थे आरोपी

अभियोजन पक्ष की ओर से डंकन एटकिंसन केसी ने अदालत में कहा कि दोनों आरोपी मुख्य रूप से आर्थिक लाभ के लिए काम कर रहे थे। हालांकि, उनका आरोप था कि वे कथित तौर पर ईरानी सरकार के लिए 'क्रिमिनल प्रॉक्सी' के रूप में इस हमले की साजिश का हिस्सा बने। अदालत के समक्ष यही अभियोजन पक्ष का दावा रखा गया। उपलब्ध जानकारी में इस आरोप पर ईरानी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

Published on:
03 Jul 2026 09:52 pm