
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिल अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ। (Photo- IANS)
चीन के प्रति जर्मनी का सख्त रूख देखने को मिला है। रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन की बढ़ती मदद को लेकर जर्मनी ने चीनी राजदूत को तुरंत बुलाकर बात करने की मांग की है।
जर्मनी ने कहा कि चीन अगर रूस की मदद करता रहा तो यूरोप की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराएगा। यह मामला अब सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बन गया है।
जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। स्पीगल मैगजीन की रिपोर्ट के आधार पर जर्मनी ने तुरंत कार्रवाई की। जर्मनी ने साफ कहा- रूस को युद्ध जारी रखने में जो भी मदद मिलेगी, वो हमारी सुरक्षा के लिए खतरा है।
विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा- चीन का रूस को बढ़ता समर्थन हमारे लिए चिंता की बात है। बता दें कि जर्मनी मानता है कि चीन अब रूस की सबसे बड़ी मददगार बन चुका है, जो यूक्रेन में चल रही जंग को और लंबा खींच रहा है।
दो दिन पहले रॉयटर्स के हवाले से खबर आई थी कि पिछले साल चीन ने रूसी सैनिकों को गुप्त रूप से ट्रेनिंग दी थी। ये ट्रेनिंग रूसी रक्षा मंत्री के व्यक्तिगत मंजूरी के साथ हुई थी। अब स्पीगल ने भी इसी तरह की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चीन की भूमिका साफ दिख रही है।
जर्मनी के लिए ये रिपोर्ट्स कोई छोटी-मोटी बात नहीं हैं। वो इसे यूरोप की शांति के लिए खतरे के रूप में देख रहा है। अगर चीन रूस को सैन्य सहायता देता रहा तो युद्ध और लंबा चलेगा, जिसका असर जर्मनी समेत पूरे यूरोप पर पड़ेगा।
चीनी दूतावास से शुक्रवार को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। पहले चीन ने ऐसी सभी खबरों को बेबुनियाद बताया था। लेकिन जर्मनी अब सबूतों के साथ आगे बढ़ रहा है और चीन से जवाब मांग रहा है।
बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ यूरोप का नहीं रहा। इसमें चीन की भूमिका बढ़ने से पूरी दुनिया का संतुलन बिगड़ रहा है। जर्मनी जैसे देश, जो यूक्रेन का खुलकर साथ दे रहे हैं, अब चीन को भी घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
Updated on:
03 Jul 2026 08:51 pm
Published on:
03 Jul 2026 08:51 pm
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