
अमेरिकी सेना।(Photo Credit - US Army)
US Nigeria ISIS Operation: नाइजीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ एक बड़े और सफल ऑपरेशन के बाद अमेरिका ने वहां तैनात अपनी ज्यादातर सेना को वापस बुला लिया है। अमेरिकी सेना की अफ्रीका कमांड (AFRICOM) के प्रमुख ने इसकी पुष्टि की है। कमांड ने बताया कि अब अमेरिकी सेना वहां जमीनी मोर्चे पर तैनात नहीं रहेगी। नाइजीरिया सरकार की मांग पर उसे केवल खुफिया जानकारियां मुहैया कराएगी।
मई महीने में नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके में अमेरिकी और नाइजीरियाई सैनिकों ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। इसमें आईएसआईएस के वैश्विक दूसरे नंबर के नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराया गया।
इससे पहले क्रिसमस के दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने आतंकियों पर हमला किया था। ट्रंप ने कहा था कि ये आतंकी नाइजीरिया में ईसाइयों को निशाना बना रहे थे।
AFRICOM कमांडर जनरल डैग्विन एंडरसन ने एंगोला में अफ्रीकी देशों के रक्षा प्रमुखों के सम्मेलन में इस कार्रवाई को भविष्य के लिए मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि यह तरीका कामयाब रहा क्योंकि अफ्रीकी देश खुद नेतृत्व कर रहे थे और अमेरिका ने सिर्फ खास क्षमताएं मुहैया कराईं।
नाइजीरिया के लेक चाड बेसिन इलाके में हुई यह कार्रवाई सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक आईएसआईएस नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचाने वाली साबित हुई। जनरल ने कहा कि इससे ISIS की लीडरशिप कमजोर हुई और उनकी कम्युनिकेशन व्यवस्था भी बिगड़ गई।
नाइजीरियाई सेना अब खुद आतंकियों पर हमले कर रही है। मई के ऑपरेशन के बाद नाइजीरिया ने लगातार दबाव बनाया और इसकी खबर फैलाने से कई ISIS लड़ाके सरेंडर कर चुके हैं या भाग गए। जनरल एंडरसन ने इसे बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया बहुत सक्रिय है और खुद टारगेट्स को निशाना बना रहा है।
जनरल एंडरसन ने बताया कि अफ्रीका में सुरक्षा के लिए यही मॉडल अपनाया जाना चाहिए। अफ्रीकी देश खुद अपनी समस्याएं सुलझाएं और जहां जरूरत हो, वहां अमेरिका जैसी ताकतें खास मदद दें। इससे न सिर्फ आतंकवाद पर लगाम लगती है बल्कि लंबे समय तक स्थिरता भी बनी रहती है।
Updated on:
03 Jul 2026 04:22 pm
Published on:
03 Jul 2026 03:56 pm
