
अमेरिका ने पोलैंड को चेताया। रूस कर सकता है हमला। फोटो में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (सोर्स: NEXTA एक्स पोस्ट स्क्रीनशॉट)
NATO-Russia Conflict: एक तरफ मिडिल-ईस्ट में तनाव चरम पर है। अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता जारी है। अमेरिका ने हाल ही में दावा किया है कि ईरान रखे हुए यूरेनियम को नष्ट करेगा और होर्मुज खोलकर शांति लाएगा। लेकिन इस बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। मिडिल-ईस्ट के बाद यूरोप में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि अमेरिका ने अपने सहयोगी नाटो देश पोलैंड को बड़ी चेतावनी दी है। दरअसल, अमेरिकी इंटेलिजेंस ने दावा किया गया है कि रूस आने वाले कुछ महीनों में NATO की ताकत और उसकी प्रतिक्रिया को परखने के लिए सीमित सैन्य उकसावे की कार्रवाई कर सकता है।
‘द टेलीग्राफ’ में छपी एक रिपोर्टों के मुताबिक रूस का मकसद सीधे युद्ध छेड़ना नहीं है। बल्कि ऐसा दबाव बनाना हो सकता है, जिससे नाटो कंट्री यूक्रेन की मदद कम कर दें या फिर न कर पाएं।
पोलैंड के न्यूज पोर्टल ‘Onet’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने नाटो देशों और पोलेंड को संभावित रूसी हमले के बारे में सतर्क किया है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि रूस कई तरह के हमलों का रास्ता अपना सकता है। इनमें ड्रोन, मिसाइल और बॉर्डर पर करके सैन्य कार्रवाई जैसे हमले शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा साइबर अटैक या हाइब्रिड वारफेयर की भी आशंका जताई है। सबसे गंभीर संभावना यह बताई गई है कि रूसी सैनिक गलती का बहाना बनाकर पोलैंड की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक रूस अपने ही खेत्र में हमला करके, GPS खराब होने का ढोंग करके, हेलीकॉप्टर बचाव अभियान या किसी तकनीकी गलती का नाम देकर घुस सकता है।
पोलैंड की सीमा बेलारूस और रूस के कैलिनिनग्राद क्षेत्र से लगती है। कैलिनिनग्राद रूस का बेहद अहम सैन्य ठिकाना माना जाता है। जहां आधुनिक हथियार और परमाणु क्षमता भी मौजूद है। इसलिए सुरक्षा विशेषज्ञ इसे सबसे संवेदनशील इलाकों में गिनते हैं।
पोलेंड और नाटो देशों के सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि रूस का असली लक्ष्य NATO की एकजुटता की परीक्षा लेना है। अगर पश्चिमी देशों में मतभेद बढ़ते हैं, तो यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता कमजोर पड़ सकती है। हालांकि NATO भी इस खतरे को हल्के में नहीं ले रहा है। हाल ही में लातविया में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने बड़े सैन्य अभ्यास किए। इनका मकसद साफ संदेश देना था कि NATO के किसी भी सदस्य पर हमला पूरे गठबंधन पर हमला माना जाएगा। फिलहाल रूस की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यूरोप की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Published on:
03 Jul 2026 03:50 pm
