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तिहाड़ जेल से भारी सुरक्षा के बीच हॉस्पिटल पहुंचा गैंगस्टर काला जठेड़ी, कोर्ट ने सिर्फ 4 घंटे की दी थी पैरोल, जानें वजह?

Kala Jatheri: मकोका और कई दूसरे केस में आरोपी संदीप उर्फ ​​काला जठेड़ी बुधवार को पुलिस कस्टडी में गुरुग्राम के एक हॉस्पिटल में अपनी पत्नी और नई जन्मी जुड़वां बेटियों से मिला। रोहिणी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के ऑर्डर पर उसे भारी पुलिस सिक्योरिटी में गुरुग्राम हॉस्पिटल ले जाया गया।
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कोर्ट की अनुमति पर काला जठेरी ने पत्नी और नवजात जुड़वां बेटियों से की मुलाकात (इमेज सोर्स: ANI)

Kala Jatheri Custody Parole: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी ने अपनी नवजात जुड़वां बेटियों से पहली मुलाकात की। रोहिणी कोर्ट ने मानवीय आधार पर उसे चार घंटे की कस्टडी पैरोल दी। इसके बाद बुधवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उसे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने अपनी पत्नी, जुड़वां बेटियों और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की। करीब तीन घंटे अस्पताल में रहने के बाद पुलिस उसे वापस तिहाड़ जेल ले गई। यह पूरा घटनाक्रम कोर्ट की निगरानी और तय सुरक्षा व्यवस्था के तहत हुआ।

IVF से हुई थी प्रेग्नेंसी

बता दें काला जठेड़ी की पत्नी IVF तकनीक के जरिए गर्भवती हुई थीं। इस प्रक्रिया को पहले ही अदालत की अनुमति मिल चुकी थी। बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने सिजेरियन डिलीवरी की सलाह दी। ऑपरेशन के बाद उन्होंने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। फिलहाल मां और दोनों बच्चियां अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

काला जठेड़ी बुधवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस कस्टडी में अस्पताल पहुंचा। उसने अपनी पत्नी और दोनों बेटियों से मुलाकात की। साथ ही डॉक्टरों से भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल में करीब तीन घंटे बिताने के बाद उसकी कस्टडी पैरोल समाप्त हो गई। इसके बाद पुलिस उसे वापस तिहाड़ जेल लेकर चली गई।

कई गंभीर मामलों में आरोपी है काला जठेड़ी

रिपोर्ट्स की मानें तो 30 जून को रोहिणी कोर्ट के विशेष MCOCA जज मुनीश गर्ग ने काला जठेड़ी को अंतरिम कस्टडी पैरोल देने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा कि उसे सिर्फ पत्नी, नवजात बच्चियों और इलाज कर रहे डॉक्टरों से मिलने के लिए तय समय के भीतर अस्पताल ले जाया जाए। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए गए थे।

काला जठेड़ी के वकील रोहित कुमार दलाल ने अदालत में बताया कि शादी, IVF प्रक्रिया और बच्चे के जन्म से जुड़ी पूरी प्रक्रिया न्यायिक अनुमति और निगरानी में हुई है। इसलिए यह याचिका केवल पहले से मिली मानवीय राहत को आगे बढ़ाने के लिए दायर की गई थी।

गौरतलब है कि काला जठेड़ी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। उसके खिलाफ MCOCA सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद अदालत ने मां और नवजात बच्चियों की मेडिकल स्थिति को देखते हुए सीमित समय के लिए कस्टडी पैरोल मंजूर की।