
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (बाएं) और राहुल गांधी (Photo-IANS)
पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने अनुभवी और युवा नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेस अब पुरानी गलतियों को दोहराने नहीं जा रही।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस कैंपेन कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। चन्नी पंजाब में दलित चेहरे के रूप में जाने जाते हैं, ग्राउंड लेवल पर वह पार्टी का जोश बढ़ाने का काम करेंगे। उनकी लोकप्रियता और आक्रामक रणनीति कांग्रेस को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी।
विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन और समन्वय कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। सिंगला का संगठनात्मक अनुभव पार्टी के बूथ लेवल वर्क को मजबूत करेगा।
वहीं, सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी की जिम्मेदारी दी गई है। रंधावा के पास मजबूत ग्रामीण कनेक्शन है, जो पंजाब की राजनीति में बहुत मायने रखता है।
अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। वे पार्टी के वादों को जनता की जरूरतों के हिसाब से तैयार करेंगे। किसान, युवा बेरोजगारी, बिजली-पानी जैसे मुद्दों पर फोकस रहने की उम्मीद है।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे। वहीं, प्रताप सिंह बाजवा विधानसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
बता दें कि पंजाब में कांग्रेस पिछले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी है, लेकिन सत्ता हासिल करने के लिए अभी और मेहनत की जरूरत है।
इन नियुक्तियों से पार्टी का पूरा फोकस चुनावी मैदान पर है। चन्नी जैसे चेहरों को आगे लाकर कांग्रेस दलित, पिछड़े और ग्रामीण वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि ये कमेटियां जल्द ही बैठकें शुरू करेंगी। रोड शो, जनसभाएं और घर-घर कैंपेन की प्लानिंग तेज हो गई है। विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच कांग्रेस की यह रणनीति काफी अहम मानी जा रही है।
उधर, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर ये नेता मिलकर काम करें तो कांग्रेस 2027 के चुनाव में मजबूत दावेदार बन सकती है। फिलहाल अटकलें हैं कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस उस पर खरा उतरने कोशिश कर रही है।
Published on:
01 Jul 2026 09:01 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
