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Ayatollah Ali Khamenei Funeral: अली खामेनेई के जनाजे में पहुंचीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती, ताबूत के सामने भावुक हुईं

Ayatollah Ali Khamenei Funeral update: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह से पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ताबूत के सामने वह भावुक नजर आईं।
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Ayatollah Ali Khamenei Funeral update

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Photo- IANS)

Mehbooba Mufti in Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के औपचारिक राजकीय अंतिम संस्कार से पहले महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद समेत भारत के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा की। दूतावास ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'भारतीय गणमान्य व्यक्तियों ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की।'

भारत में ईरानी दूतावास द्वारा 'एक्स' पर साझा की गई तस्वीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद और अन्य प्रतिनिधि हाई-प्रोफाइल राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रवाना होने की तैयारी करते हुए दिखाई दिए।

भारत का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी रवाना

भारत का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से रवाना हो गया। विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

छह दिन तक चलेगा अंतिम विदाई समारोह

ईरान ने अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए छह दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, 4 और 5 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी प्रेयर ग्राउंड्स में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। 6 जुलाई को तेहरान में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 7 जुलाई को पवित्र शहर कोम और 9 जुलाई को मशहद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होंगे। अंत में उन्हें मशहद स्थित इमाम रजा की पवित्र दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

'यह शहादत सफर का अंत नहीं है..'

जैसे-जैसे लोगों की भागीदारी बढ़ रही है, मरहूम सुप्रीम लीडर को रखे हुए ताबूत के शुरुआती विज़ुअल हिस्से सामने आए हैं। इमाम हुसैन की दरगाह से सफेद अक्षरों वाला एक पवित्र लाल झंडा ताबूत पर लपेटा गया है। ईरानी सरकार के अनुसार, यह ऐतिहासिक झंडा प्रतिरोध, बलिदान और सच्चाई के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है।

ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने इस मौके पर गहरा दुख जताया है, लेकिन देश की हिम्मत पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से जुलूस में शामिल होकर दुनिया के सामने एक एकजुटता पेश करने की अपील की है।

उन्होंने कहा, 'यह शहादत सफर का अंत नहीं है, बल्कि देश की एकता, हिम्मत और तरक्की के एक नए चैप्टर की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम एक महान देश के विश्वास, आदर्शों और इच्छा की मजबूत नींव पर टिका है।'