
रूस-यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर। AI जनरेटेड फोटो में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति पुतिन
Russia-Ukraine War: कुछ दिनों पहले यूक्रेन ने रूस के कई रिफाइनरियों और राजधानी मॉस्को पर भीषण हमला किया। यूक्रेनी हमले की वजह से रूस में तेल संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। यूक्रेनी हमले के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर भीषण हमला करने के आदेश दिए। पुतिन के आदेश के बाद रूसी सेना ने यूक्रेन पर बैलेस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की बारिश कर दी। रूस की तरफ से यूक्रेन पर लगातार 11 घंटों तक हमला किया गया। रूसी हमले से कीव को काफी नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन में रूसी हमले में कम से कम 27 लोग मारे गए हैं। कई इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
रूसी हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का बयान सामने आया है। जेलेंस्की ने कहा कि हमारी सेना कीव पर हुए हर हमले का माकूल जवाब देगी। उन्होंने उन इलाकों का दौरा भी किया, जहां रूस की तरफ से सबसे अधिक हमला किया गया। जेलेंस्की ने सहयोगियों से और एयर डिफेंस सिस्टम भेजने का आग्रह किया और अमेरिका से पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलें बनाने के लिए लाइसेंस की मांग की। उन्होंने फेसबुक पर कहा कि यूक्रेन के लिए एयर डिफेंस सप्लाई सबसे जरूरी और अहम प्राथमिकता है।
EU की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने कहा कि वह हमले को लेकर मॉस्को पर नए प्रतिबंधों का प्रस्ताव देंगी, जबकि UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम की अपनी अपील दोहराई। कीव पर हमले के बाद वाशिंगटन में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यह युद्ध खत्म हो ताकि बेमतलब की हत्याएं रुकें। ये खबर भी सामने आ रही है कि जेलेंस्की अगले हफ्ते तुर्किये के अंकारा में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि रूस का हमला ऐसे समय में हुआ है, जब यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक में बढ़त हासिल की है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि फ्रंट लाइन के पीछे सप्लाई रूट पर हमलों ने रूसी सेना की रफ्तार को धीमा कर दिया है। कीव की ड्रोन आर्मी ने रूस के क्रीमिया को होने वाली सप्लाई लाइन को बाधित किया है। इससे क्रीमिया में ईंधन संकट पैदा हो गया है। इसने क्रेमलिन के उस दावे को भी झटका दिया है कि यूक्रेन युद्ध में रूस जीत रहा है।
Published on:
03 Jul 2026 08:05 am
