
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई
Khamenei funeral:ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई को तेहरान में शुरू होगी। 9 जुलाई को उनके गृहनगर मशहद में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। इन तारीखों के बीच ईरान के प्रसिद्ध धार्मिक शहर कोम व इराक में शिया बहुल इलाकों में कुछ कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर और अली खामेनेई के बेटे आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं होंगे।
भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि आयतुल्लाह हकीम इलाही ने कहा कि मोजतबा अली खामेनेई सुरक्षा कारणों के चलते अपने पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम कमांडर के जनाजे में शामिल नहीं होंगे। हकीम इलाही ने कहा कि इजरायल से मिल रही धमकियों और निगरानी के जोखिमों के कारण मोजबता खामेनेई का सार्वजनिक समारोह में शामिल होना खतरान होगा।
बीते बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान के लोगों या नेतृत्व के खिलाफ कोई भी खतरा पैदा होता है तो हम उसका माकूल जवाब देंगे। अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इजरायल को नियंत्रित करें। दरअसल, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्स ने मोजतबा खामेनेई की हत्या की धमकी दी थी।
मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार नादेर हाशमी ने अल जजीरा से बातचीत करते हुए बताया कि युद्ध की शुरुआत में ही अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता की मौत ईरान के इस्लामिक गणराज्य बनने की कहानी की पुष्टि करती है। हाशमी ने कहा कि ईरान की इस्लामिक रीजिम ने खुद को ईरान के हितों की रक्षा करने वाले और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ संघर्ष करने वाले के रूप में पेश किया है। अली खामेनेई की हत्या ने ईरान की इस्लामिक क्रांति के उस मकसद को पूरा किया, जिसके लिए ईरान में संघर्ष किया गया था।
हाशमी ने कहा कि इस सप्ताह शुरू होने वाले खामेनेई के अंतिम संस्कार में विदेशी नेताओं को बुलाना ईरान की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर ईरान ऐसे देश के रूप में खुद को दुनिया के सामने पेश करना चाहता है, जिसके नेताओं ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ खड़े होने की कीमत चुकाई हो। हाशमी ने कहा कि दुनिया भर में ईरान इस सहानुभूति का लाभ उठाना चाहता है।
आज भारत के प्रतिनिधि विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गर्वनर ल लेफ्टिनेंट जनरल(सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ईरान के लिए रवाना होंगे। वह अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
Updated on:
03 Jul 2026 09:18 am
Published on:
03 Jul 2026 09:18 am
