
Iran IRGC Operation: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान दो संदिग्ध मारे गए। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के अनुसार, IRGC की ग्राउंड फोर्स ने बताया कि ये दोनों व्यक्ति एक ऐसे ग्रुप से जुड़े थे जो पहले से तय ठिकानों पर हमले की तैयारी कर रहा था, लेकिन सुरक्षा बलों ने किसी भी हमले को अंजाम दिए जाने से पहले ही उन्हें मार गिराया। IRGC के कुद्स हेडक्वार्टर ने कहा कि संदिग्धों के अमेरिका और इजराइल से संबंध थे।
अल-मायादीन की एक रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के कुद्स बेस के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि यह ऑपरेशन खुफिया निगरानी और जॉइंट ऑपरेशनल कार्रवाई के आधार पर किया गया था। कुद्स बेस के अलावा, इस ऑपरेशन में जनरल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट, सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत का IRGC इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन और प्रांतीय कानून प्रवर्तन बल शामिल थे। IRGC के अनुसार, इस कार्रवाई का मकसद कथित आतंकवादी गतिविधि को अंजाम दिए जाने से पहले ही नाकाम करना था।
ऑपरेशन की सफलता के बाद, IRGC के कुद्स हेडक्वार्टर ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी जारी की। IRGC ने कहा कि कुद्स हेडक्वार्टर इजराइली और अमेरिकी एजेंटों को स्पष्ट चेतावनी दे रहा है कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के लोगों की सुरक्षा एक 'रेड लाइन' है। उन्होंने घोषणा की कि किसी को भी इलाके में घुसपैठ करने या काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और ऐसे लोगों से बहुत सख्ती से निपटा जाएगा।
अल-मायादीन की एक रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि हाल के हाक में सिस्तान-बलूचिस्तान में कई सुरक्षा ऑपरेशन चलाए गए हैं। 17 अगस्त को, IRGC ने प्रांत के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में दो कथित आतंकवादी सेल को खत्म करने और पांच आतंकवादियों को मारने का दावा किया। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने विस्फोटक और बम जब्त करने की सूचना दी।
इसके अलावा ईरानी पुलिस ने दावा किया था कि सरावान में पुलिस बलों पर हुए हमले के दौरान तीन आतंकवादी मारे गए और दो बंदूकधारी गिरफ्तार किए गए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान कई सदस्य मारे गए और मिलिट्री-ग्रेड हथियार और सैटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरण जब्त किए गए। IRGC ने कहा कि इस सेल पर प्रांत के दक्षिणी हिस्से में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने का आरोप था।