विदेश

Iran-Israel War: ईरान पर बड़ा हमला, इजरायल ने न्यूक्लियर प्लांट पर की एयरस्ट्राइक

ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। IRGC ने सख्त चेतावनी दी है, जबकि अमेरिका और इजरायल अपने रुख पर कायम हैं। जवाबी कार्रवाई की तैयारी के बीच हालात नाजुक बने हुए हैं और टकराव के और बढ़ने की आशंका है।
2 min read
• •
Mar 28, 2026
Iran-Israel War
Iran-Israel War(AI Image-ChatGpt)

Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। हालात ऐसे बनते नजर आ रहे हैं कि आने वाले दिनों में टकराव और तेज हो सकता है। हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA के मुताबिक, देश के दो अहम न्यूक्लियर केंद्रों को निशाना बनाया गया, एक हेवी वॉटर प्लांट और दूसरा येलोकेक उत्पादन केंद्र। ये दोनों सुविधाएं ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए काफी अहम मानी जाती हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक स्थित शाहिद खोंडाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द प्रांत के अर्दकान प्लांट पर हमला हुआ। राहत की बात ये रही कि अभी तक किसी के हताहत होने या रेडियोएक्टिव लीक की खबर नहीं आई है। लेकिन खतरा टला नहीं है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

Iran-Israel War: ईरान की चेतावनी


इस हमले के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने सख्त रुख अपनाया है। इसके एयरोस्पेस कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने साफ चेतावनी दी कि इस बार जवाब पहले जैसा नहीं होगा। उनका बयान काफी तीखा था, उन्होंने कहा कि अब “आंख के बदले आंख” वाला दौर खत्म हो चुका है। इतना ही नहीं, IRGC ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है जो अमेरिकी या इजरायली कंपनियों से जुड़े हैं। उनसे कहा गया है कि वे तुरंत अपने कार्यस्थलों को छोड़ दें, क्योंकि आगे हालात और बिगड़ सकते हैं।

अमेरिका ने क्या कहा?


दिलचस्प बात ये है कि इससे कुछ ही घंटे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि ईरान के अहम ठिकानों पर हमले को 10 दिनों के लिए रोका जा रहा है। लेकिन उसके तुरंत बाद हुए इन हमलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जमीन पर कुछ और चल रहा है? वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान थोड़ा अलग तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना जमीनी सेना उतारे भी अपने मकसद हासिल कर सकता है। उनका दावा है कि यह संघर्ष ज्यादा लंबा नहीं चलेगा और कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है। एक तरफ ईरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल अपने रुख पर कायम दिख रहे हैं। ऐसे में यह टकराव कब और कितना बढ़ेगा, यह कहना मुश्किल है।

Also Read
View All
Houthi Attacks: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमलों से बढ़ा तनाव, ट्रंप की हूतियों को सख्त चेतावनी; खाड़ी में मंडराया बड़ा संकट

‘हम कभी भी शुरुआती स्थिति में वापस नहीं जाएंगे’, अमेरिका से परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान तैयार लेकिन शर्तें ज़रूरी

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी कंट्रोल के दावों को ईरान ने किया खारिज, कहा – ‘ज़मीनी हकीकत दावों से मेल नहीं खाती’

‘पाकिस्तान यहाँ के लोगों का है, सेना का नहीं’, खैबर पख्तूनख्वा में राज्यपाल शासन लागू होने पर इमरान खान के बेटे कासिम ने साधा निशाना

Nobel Prize 2026: कौन हैं रॉबर्ट हॉल और माइकल वुडफोर्ड, जिन्हें मिला 2026 का अर्थशास्त्र का नोबेल?