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Iran Israel War: “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुला, सिवाय उनके…” डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी राष्ट्रपति का करारा जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बढ़ गया है। ट्रंप की धमकी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान के सख्त जवाब से हालात गंभीर हो गए हैं। संभावित टकराव के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सप्लाई और वैश्विक बाजार पर असर को लेकर चिंताएं तेज हो रही हैं।

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Mar 23, 2026
Iran President Masoud Pezeshkian(Image-ANI)

Iran Israel America War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है, और इस बार मुद्दा है दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज"। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) ने हाल ही में एक सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर इस समुद्री रास्ते को बिना किसी शर्त के पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों पर हमला कर सकता है। लेकिन ईरान ने भी पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए हैं।

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Iran President Masoud Pezeshkian: ईरानी राष्ट्रपति का जवाब


ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जवाब देते हुए साफ शब्दों में कहा कि धमकियों से ईरान डरने वाला नहीं है। उन्होंने लिखा कि “ईरान को मिटाने की बातें दरअसल उस बेचैनी को दिखाती हैं, जो एक मजबूत राष्ट्र के सामने खड़ी है।” उनका कहना था कि ऐसे बयान ईरान के इरादों को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करते हैं। पेजेश्कियान ने यह भी साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन उन देशों के लिए नहीं जो ईरान की जमीन और संप्रभुता को चुनौती देते हैं। यानी सीधा संकेत अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों की ओर था।

क्या हैं हालात?


तनाव सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने क्षेत्र के लोगों को संभावित संकट के लिए तैयार रहने को कहा है। लोगों से अपील की गई कि वे पानी जमा कर लें और अपने फोन चार्ज रखें। यह चेतावनी अपने आप में हालात की गंभीरता को दिखाती है। इसी बीच, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर बिजली संकट पैदा हो सकता है। यानी यह टकराव क्षेत्रीय स्तर पर भी भारी पड़ सकता है।

दूसरी ओर, ईरान ने यह भी साफ किया है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद करने के पक्ष में नहीं है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन में उसके प्रतिनिधि ने कहा कि जो जहाज उनके नियमों का पालन करते हैं और “दुश्मन देशों” से जुड़े नहीं हैं, उन्हें गुजरने में कोई परेशानी नहीं होगी।

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