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Iran-Kuwait Conflict: सुबह-सुबह बजने लगे सायरन, ईरान के मिसाइल हमले के बाद कुवैत का एयरस्पेस बंद

Iran-Kuwait Tension: ईरान के मिसाइल हमले के बाद कुवैत में उड़ानें रोक दी गईं हैं। बिजली और पानी प्लांट प्रभावित हुए हैं। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की अपील की जा रही है।
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Jul 18, 2026
Iran-Kuwait Conflict
ईरान ने कुवैत पर दागीं मिसाइलें। एयरपोर्ट बंद। (सोर्स: ANI)

Iran-Kuwait War Update: ईरान के मिसाइल हमलों के बाद शनिवार सुबह कुवैत में अफरा-तफरी मच गई। कई इलाकों में खतरे की घंटी वाला एयर रेड सायरन बजने लगे। लोगों को घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। हालात बिगड़ते देख कुवैत ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। सभी उड़ानों पर तुरंत रोक लगा दी गई। वहीं, हमलों का असर बिजली और पानी से जुड़े स्ट्रक्चर पर भी पड़ा। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। संगठन के अनुसार, आरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर पर मिसाइलें दागी गईं। IRGC ने यह भी दावा किया कि इस कार्रवाई में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए।

IRGC ने यह भी कहा कि उसने ‘अली अल सलेम’ एयर बेस पर ड्रोन हमला किया, जिसमें रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा अल अहमदी पोर्ट पर अमेरिकी नौसेना के फ्यूल सपोर्ट पियर और एक कम्युनिकेशन हब को भी निशाना बनाने का दावा किया गया।

हमलों के बाद कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं। सरकार ने एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय एयरस्पेस बंद कर दिया। इसके साथ ही कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली सभी उड़ानें रोक दी गईं। कुवैत एयरवज़ ने यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जांचने की सलाह दी। पहले से तय कई उड़ानों का समय भी बदला गया।

बिजली और पानी के प्लांट पर असर

मिसाइल हमलों का असर केवल सैन्य और हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। कुवैत के बिजली, पानी और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय ने बताया कि एक पावर और वॉटर डीसैलिनेशन प्लांट के हिस्से में आग लग गई। इसके बाद कई बिजली उत्पादन इकाइयों को एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ा।

मंत्रालय के अनुसार, यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा और पूरे बिजली ग्रिड को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया। अधिकारियों ने तुरंत इमरजेंसी प्लान लागू कर दिया, ताकि बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।

सरकार ने कहा कि तकनीकी टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। पूरे नेटवर्क की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। फिलहाल सेवाओं को बड़े स्तर पर प्रभावित होने से बचाने की कोशिश जारी है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। कुवैत में हुए इन हमलों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।