
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच डील अभी तक फाइनल नहीं हुई है, लेकिन सीज़फायर जारी है। हालांकि दोनों पक्षों की तरफ से समय-समय पर सीज़फायर उल्लंघन के मामले भी देखने को मिलते हैं। दो दिन पहले अमेरिका ने ओमान सागर में गांबिया-ध्वज वाले मालवाहक ईरानी जहाज Lian Star पर हेलफायर मिसाइल से हमला किया था। अमेरिका ने चेतावनी देने के बाद इस जहाज के इंजन रूम में मिसाइल दागी थी, क्योंकि जहाज नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। अब ईरान ने अमेरिका से इस हमले का बदला ले लिया है। सोमवार को आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने पनामा-ध्वज वाले अमेरिकी जहाज MSC Sariska V पर क्रूज़ मिसाइल से हमला किया।
आईआरजीसी ने अमेरिकी जहाज पर हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए अमेरिका को धमकी भी दे दी। आईआरजीसी ने साफ कर दिया है कि अगर इस क्षेत्र में अमेरिका ने कोई भी आक्रामकता दिखाई तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।
ईरान की क्रूज़ मिसाइल से अमेरिकी जहाज के स्टारबोर्ड साइड पर बड़ा छेद हो गया। इस हमले से जहाज के अंदर पानी घुस गया और साथ ही जहाज को नुकसान भी पहुंचा है। मिसाइल अटैक से इतना जोरदार धमाका हुआ कि आसमान में धुआं छा गया।
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार ईरान के इस हमले में MSC Sariska V जहाज पर सवार कोई भी क्रू-मेंबर हताहत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि आईआरजीसी ने यह हमला सिर्फ अमेरिकी हमले का जवाब देने के लिए और जहाज को नुकसान पहुंचाने के लिए ही किया था।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उम्मीद जताई है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही डील हो सकती है। ट्रंप के अनुसार अगले सप्ताह तक ईरान के साथ सीज़फायर बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों के आवागमन बहाल करने के लिए डील हो जाएगी। ट्रंप ने यह भी बताया कि इस विषय में प्रस्तावित MoU को अभी तक उन्होंने ग्रीन सिग्नल नहीं दिया है क्योंकि अभी उन्हें कुछ और समझौते करने हैं।