
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच फिलहाल हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच फिर से सीज़फायर लागू हो जाए। उन्होंने जल्द ही इस युद्ध के खत्म होने की भी उम्मीद जताई है। अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया था। ट्रंप और उनका प्रशासन चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाए। होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी डील पर ईरान और ओमान (Oman) के बीच बातचीत जारी है। इसी बीच अब ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को खोलने के लिए कुछ शर्तें रख दी हैं।
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाकिर ज़ोलघाद्र (Mohammad Bagher Zolghadr) और अन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर ओमान के साथ डील जल्द ही हो सकती है लेकिन इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। इसे खोलने के लिए अमेरिका को अपना व्यवहार सुधारना होगा और ईरान की शर्तें पूरी तरह माननी होंगी। क्या हैं ईरान की शर्तें? आइए नज़र डालते हैं।
◙ ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
◙ ईरान पर लगे अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं।
◙ अमेरिका ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दे।
◙ विदेशों में जमी ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त रिलीज़ किया जाए।
◙ ईरान के आसपास से अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाया जाए।
◙ ईरान के क्षेत्रीय सहयोगियों (लेबनान, फिलिस्तीन, यमन आदि) पर हमले और आक्रामकता पूरी तरह बंद हो।
◙ ईरान के खिलाफ अमेरिका की धमकियाँ बंद हो।
◙ ईरान के खिलाफ युद्ध को अमेरिका स्थायी रूप से समाप्त करे।
◙ जून में ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए इस्लामाबाद समझौते को फिर से लागू करते हुए इसका पूरी तरह से पालन किया जाए।
इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने एक बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि भले ही ईरानी सरकार में कुछ लोग होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की बात करते हैं, लेकिन ईरान का ऐसा करने का कोई प्लान नहीं है।