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ईरान में फिर अमेरिकी हमले का डर? पुलिस चीफ ने दिया ‘सबसे खराब हालात’ के लिए तैयार रहने का आदेश

US-Iran War: ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद रजा रादान ने अधिकारियों को अमेरिका के नए हमलों के सबसे खराब हालात के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने सैन्य और रक्षा ढांचे को मौजूदा हालात के हिसाब से मजबूत करने की बात कही।
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iran police chief warns News

ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद रजा रादान (फोटो- x post/ @clashreport)

US Attack: अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के चलते ईरान के पुलिस प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अहमद-रजा रादान (Ahmad Reza Radan) ने अपने अधिकारियों को सावधान रहने को कहा है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हमें अमेरिका के नए हमलों के सबसे खराब हालात (Worst Case Scenario) के लिए तैयार रहना चाहिए। इसके साथ ही रादान ने सोमवार को कहा कि हर ईरानी सैनिक को दुश्मन के संभावित कदमों का पहले से अनुमान लगाना चाहिए।

दुश्मन की रणनीति को पहले से समझें

रादान ने कहा कि कहा कि दुश्मन की रणनीति को पहले से समझना और उसके संभावित कदमों के मुताबिक रक्षात्मक उपाय करना जरूरी है। ईरान को दुश्मन की ओर से पैदा होने वाले सबसे खराब हालात की कल्पना करनी चाहिए और उसका मुकाबला करने के लिए पहले से तैयारी करनी चाहिए।

युद्ध में दुश्मन से हुई गलतियां

ईरानी पुलिस प्रमुख ने हाल के युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि दुश्मन की योजना बनाने वाली व्यवस्था कई बार गलतियां करती है। ऐसे में इन गलतियों का पहले से अनुमान लगाकर उस हिसाब से अपने सैन्य और रक्षा ढांचे को फिर से तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुश्मन ने पहले के युद्ध में यह सोचा था कि कमांडरों और बुनियादी ढांचे पर हमला करके देश की व्यवस्था को कमजोर किया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस गलती को बताते हुए रादान ने कहा कि कमांडरों की मौत के बावजूद ईरान की व्यवस्था और रक्षा क्षमता अपने रास्ते पर आगे बढ़ती रही है। इसे उन्होंने दुश्मन के आकलन और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर का उदाहरण बताया।

ईरान ने अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप

इससे पहले ईरान अमेरिका पर हमलों के दौरान युद्ध अपराध करने का आरोप लगा चुका है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कहा था कि अमेरिकी हमलों में अस्पतालों, स्कूलों, पुलों और ऊर्जा केंद्रों जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया गया था। ऐसे में रादान ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सैन्य और रक्षा ढांचे को फिर से व्यवस्थित करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से दुश्मन के संभावित परिदृश्यों का पहले से अनुमान लगाने और उन्हें रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।