विदेश

‘पर्दे के पीछे चल रही है बातचीत’, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का दावा, अरब या यूरोपीय देशों में शिफ्ट हो सकती है वार्ता

Iran US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। ईरान ने सात दिन की योजना के तहत अपनी शर्तें रखी हैं।
2 min read
• •
Sep 29, 2026
Iran Looking To Mediator Not Washington Hormuz Plan
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पर्दे के पीछे चल रही है बातचीत (सांकेतिक तस्वीर - एआई जरेटेड)

Iran US Talks Update: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। ईरान के पूर्व राजनयिक सैयद हादी अफकाही ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि तेहरान अमेरिका के आधिकारिक बयानों के बजाय मध्यस्थ के जरिए मिलने वाले जवाब का इंतजार कर रहा है। अफकाही के मुताबिक, ईरान की उम्मीदें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयानों पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक मध्यस्थ है जो न्यूयॉर्क में मौजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल के फैसलों, रुख और जवाब के लिए मुख्य संपर्क बिंदु बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखने की कोशिश हो रही है। मकसद है कि बातचीत पूरी तरह न टूटे और इसे कुछ समय बाद फिर शुरू किया जा सके।

अरब या यूरोपीय देशों में हो सकती है वार्ता

अफकाही ने कहा कि आगे की बातचीत न्यूयॉर्क के बजाय किसी अरब या यूरोपीय देश में हो सकती है। उन्होंने कहा कि तेहरान भी ऐसा ही चाहता है। हालांकि, ईरान अपने रुख और मांगों पर कायम है। ईरान ने सात दिन का एक प्रस्ताव रखा है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। इसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर ईरान सात दिन में होर्मुज स्ट्रेट खोलने और अमेरिका से परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करने को तैयार है।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी 7 दिन की शर्त

ईरान ने अमेरिका के सामने सात दिन का एक प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पहले अमेरिका को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत देना और ईरान की करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति जारी करना शामिल है। साथ ही क्षेत्र में युद्ध रोकने की बात भी रखी गई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, अमेरिका की ओर से ये कदम उठाए जाने के बाद छठे दिन होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सकता है। सातवें दिन अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे समेत दूसरे विषयों पर बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव है।

इस प्रस्ताव को कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं।

मध्यस्थों के जरिए हो रही बातचीत

ईरान और अमेरिका के बीच हाल की बातचीत सीधे नहीं हुई है। दोनों देश मध्यस्थों के जरिए एक-दूसरे तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। अल जजीरा के मुताबिक, सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेश भेजे गए थे।

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने भी कहा था कि मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संदेश लेकर आ-जा रहे हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बताया था कि कतर और पाकिस्तान ईरान का संदेश अमेरिका तक पहुंचा रहे हैं।

कतर के जरिए भी जारी है बातचीत

रॉयटर्स के मुताबिक, 28 सितंबर को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने मध्यस्थों के साथ अलग-अलग बातचीत की। इसमें ईरान के सात दिन के प्रस्ताव में बदलाव को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। कतर के मध्यस्थ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी पक्ष से अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं।

Updated on:
29 Sept 2026 12:03 pm
Published on:
29 Sept 2026 12:03 pm