Missile Launchers: इज़राइल का दावा है कि युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के पास 460 मिसाइल लॉन्चर थे, लेकिन अब सिर्फ 130 ही बचे हैं। IDF की कार्रवाई से ईरान की मिसाइल ताकत को भारी झटका लगा है।
Missile Launchers : मध्य पूर्व में जारी ईरान-इज़राइल युद्ध (Iran-Israel War) में इज़राइल की सेना ने एक बड़ा दावा किया है। इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF Claims) के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missiles) लॉन्चरों की संख्या लगभग 460 के आसपास थी। लेकिन अब इनमें से ज्यादातर को नष्ट या बेकार कर दिया गया है, और सिर्फ 130 ही बचे हैं जो काम कर रहे हैं। यह दावा इज़राइली सेना के उच्च अधिकारियों ने किया है। उन्होंने कहा कि इज़राइल और अमेरिका की संयुक्त हवाई कार्रवाइयों से ईरान के मिसाइल लॉन्च सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। कई मिसाइल लॉन्चर ((Missile Launchers) ) पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि कुछ को भूमिगत स्थलों पर दबा दिया गया, जिससे वे फिलहाल इस्तेमाल के लायक नहीं रहे। इससे ईरान की ओर से इजराइल और क्षेत्रीय ठिकानों पर मिसाइल हमलों की संख्या में काफी कमी आई है।
इज़राइल के अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता घरेलू सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पहले ईरान बड़े पैमाने पर मिसाइलें दाग रहा था, लेकिन अब हमलों की तादाद काफी कम हो गई है। IDF चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम का भी 80% हिस्सा नष्ट हो चुका है, जिससे इज़राइल के विमानों को हमले करने में आसानी हुई। ईरान की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, लेकिन तेहरान ने कहा है कि उसकी मिसाइल क्षमता अभी भी मजबूत है और वह जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। ईरान ने हाल के दिनों में क्लस्टर मुनिशन वाली मिसाइलें और हाइपरसोनिक मिसाइलें इस्तेमाल करने का दावा किया है, लेकिन इज़राइल का कहना है कि लॉन्चरों की कमी से ईरान की ताकत घट गई है।
यह युद्ध अब तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर भी चल रहा है। इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और कमांड सेंटरों पर सटीक हमले किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लॉन्चरों की यह कमी सही साबित हुई तो ईरान को बड़े हमले करने में मुश्किल होगी। हालांकि, ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें बची हैं, लेकिन उन्हें लॉन्च करने के लिए प्लेटफॉर्म की ज़रूरत है।