विदेश

अमेरिका के खिलाफ ईरान का नया प्लान तैयार, अगर फिर हुआ हमला तो दिया जाएगा करारा जवाब

Iran-US Conflict: अमेरिका के खिलाफ ईरान ने नया प्लान तैयार कर लिया है। अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा।
2 min read
• •
Updated: 4 Nov 2026, 4:03 PM IST
Iranian soldiers
ईरानी सैनिक (Photo - ANI)

अमेरिका (United States of America) की सेना ने देश में मिडटर्म चुनाव से कुछ घंटे पहले ईरान (Iran) पर फिर से हमले कर दिए। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास स्थित केशम आइलैंड (Qeshm Island) पर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने केशम आइलैंड पर किए इन हमलों को रक्षात्मक बताया और ये हमले सीमित लेवल पर किए गए थे। अब अमेरिका के खिलाफ ईरान ने नया प्लान तैयार कर लिया है।

अगर फिर हुआ हमला तो दिया जाएगा करारा जवाब

ईरान का कहना है कि अमेरिका की ओर से किसी भी नए हमले की स्थिति के लिए एक मैक्सिमम डिटेरेंस प्लान तैयार किया गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर फिर हमला हुआ तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका के खिलाफ ईरान सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है।

ईरानी सेना ने बनाई लिस्ट

ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना ने एक लिस्ट बना ली है। इस लिस्ट में उन लक्ष्यों को अपडेट किया है, जिसमें अब व्यापक भौगोलिक क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी और इज़रायली संपत्तियाँ भी शामिल हैं। ऐसे में अगर अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमला किया, तो ईरान बड़े पैमाने पर क्षेत्र में अमेरिकी और इज़रायली संपत्तियों पर हमले करेगा, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके।

ईरान की लॉन्ग-टर्म सुरक्षा का रोडमैप

ईरानी आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर-जनरल अली अब्दुल्लाही (Ali Abdollahi) ने दुश्मन के खिलाफ अपने देश की लॉन्ग-टर्म सुरक्षा का रोडमैप पेश किया है। अब्दुल्लाही ने ईरान की स्थायी सुरक्षा के लिए जो रोडमैप पेश किया है, उसमें कुछ अहम पॉइंट्स हैं, जिसकी जानकारी ईरानी मीडिया ने दी है। आइए उन पॉइंट्स पर नज़र डालते हैं।

◙ लेबनान और गाज़ा सहित सभी मोर्चों पर दुश्मनी और हमलों का अंत।

◙ ईरान पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाना और उसकी जब्त की गई संपत्तियों को बहाल करना।

◙ ईरान को युद्ध के कारण हुए नुकसान के हर्जाने का भुगतान।

◙ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना।

◙ भविष्य में ईरान पर किसी भी तरह के हमले न हो, इसकी गारंटी और मिडिल ईस्ट के लिए एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना।