
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल दोनों देशों के बीच डील होने के कोई आसार नज़र नहीं आ रहे हैं। ईरान पर दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हर संभव कोशिश कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की। इसी बीच अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने अमेरिका से बातचीत पर बड़ा बयान दिया है।
ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका से बातचीत करने के लिए ईरान तैयार है, लेकिन वो इस मामले में सतर्क भी है। जब ईरानी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि क्या चल रही कूटनीतिक कोशिशों से जून में ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते को फिर से शुरू किया जा सकता है और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों को बहाल किया जा सकता है, तब इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह आगे बढ़ सकते हैं अगर ईरान के कदमों के जवाब में दूसरी तरफ से भी उसी के बराबर और उचित कदम उठाए जाएं।
पेज़ेशकियान ने आगे कहा कि शांति समझौते के तहत ईरान अपने वादों को तभी पूरा करेगा जब अमेरिका की तरफ से भी ऐसा ही किया जाएगा। हालांकि इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी माना कि हो सकता है कि दोनों पक्ष अपने सभी मकसद हासिल न कर पाएं।
पेज़ेशकियान ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते पर बात करते हुए कहा कि मुख्य बात यह है कि शांति समझौते में जो लिखा है, ईरान और अमेरिका को उसके प्रति प्रतिबद्ध रहना होगा। जब दोनों देशों के प्रतिनिधि बातचीत की टेबल पर बैठेंगे, तो यह बात की जा सकती है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने सोमवार को देश की राजधानी तेहरान में एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका को दो-टूक सुनाते हुए कहा कि ईरान आक्रामक पक्षों की शर्तों के आधार पर युद्ध खत्म नहीं होने देगा। बघाई ने कहा, "हमने निश्चित रूप से युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन हम आक्रामक पक्षों की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं होने देंगे। ईरान अपने इलाके की रक्षा करने के लिए दृढ़ है और आक्रामक पक्षों के साथ समझौता नहीं करेगा और न ही उनकी ज़रूरत से ज़्यादा मांगों के आगे झुकेगा।"