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Nepal Flood: बाढ़ के बाद मलबे में सामान तलाश रहे ग्रामीण, मंत्री बोले- पूरा इलाका बन गया रेगिस्तान, नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल

Nepal Flood Devastation: नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। देवघाट और नुवाकोट में घर मलबे और कीचड़ से पटे पड़े हैं, जबकि ग्रामीण अपने घरों से जरूरी सामान निकालने लौट रहे हैं। नेपाल सरकार के मुताबिक सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं और बड़ी संख्या में शव बरामद किए जा चुके हैं।
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काठमांडू

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Anand Shekhar

•

Updated: 29 Aug 2026, 8:23 PM IST

nepal flood

नेपाल में बाढ़ के बाद तबाही का मंजर (फोटो- X@IANS वीडियो ग्रैब)

Nepal Flood: नेपाल में भयानक बाढ़ के बाद तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है। बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि कई इलाकों की सूरत पूरी तरह बदल गई। जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है, नुवाकोट जिले में त्रिशूली नदी के किनारे बसे देवीघाट और दूसरे प्रभावित इलाकों के लोग अपने बर्बाद हो चुके घरों में लौट रहे हैं। हर तरफ मलबे और पत्थरों के ढेर पड़े हैं, कई इमारतें पूरी तरह कीचड़ में दब गई हैं और सड़कें व रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिसके बिच से लोग अपना बचा-खुचा सामान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित स्थान, भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था करना है।

सैकड़ों शव बरामद, जिंदगी बचाना पहली प्राथमिकता: डॉ. बिक्रम तिमल्सिना

नेपाल के सूचना और संचार मंत्री डॉ. विक्रम तिमलसिना ने देवीघाट का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया और बताया कि नुकसान बहुत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि तबाही इतनी बड़ी है कि अभी कुल नुकसान का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं, जबकि सैकड़ों अन्य लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।

डॉ. तिमलसिना ने बताया कि आपदा से हुए नुकसान के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता बचे हुए लोगों, घायलों और खतरे में फंसे लोगों को बचाना है। मृतकों के शवों के उचित प्रबंधन और सबसे बुरी तरह प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

रेगिस्तान में बदल गया पूरा रिहायशी इलाका

तबाही की गंभीरता को बताते हुए डॉ. विक्रम तिमलसिना ने कहा कि प्रभावित इलाकों का पूरा रिहायशी क्षेत्र अब लगभग रेगिस्तान जैसे दिख रहे हैं। उन्होंने माना कि नुकसान का पैमाना बेहद बड़ा है और सरकार के सामने राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती बनी हुई है। डॉ. विक्रम ने कहा कि सरकार उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करके प्रभावित लोगों को राहत और मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश कर रही है।

प्रभावित इलाकों में लौट रहे लोग

जैसे-जैसे बाढ़ का पानी कम हो रहा है, स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों की ओर लौट रहे हैं। कीचड़ और मलबे से ढकी इमारतों के बीच, लोग यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या कोई सामान सही-सलामत बचा है। कई जगहों पर घरों के अंदर कीचड़ और मलबे की मोटी परतें जमा हो गई हैं। ऐसे हालात में राहत और बचाव दलों के लिए भी प्रभावित इलाकों तक पहुंचना एक चुनौती बनी हुई है।

राहत और पुनर्वास में जुटा प्रशासन

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों का संपर्क कट गया है। सूचना मंत्री ने कहा कि तबाही के बड़े पैमाने को देखते हुए राहत कार्य चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं। हालांकि, सरकार प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और उन्हें मदद देने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है।