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जल्द खत्म हो सकता है युद्ध! ईरान को मिला अमेरिका से प्रस्ताव

Iran-US Conflict: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार उन्हें अमेरिका की तरफ से प्रस्ताव मिला है!
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Sep 30, 2026
Abbas Araghchi
अब्बास अराघची (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध का स्थायी अंत अभी तक नहीं हुआ है! ईरान ने समय-समय पर कहा है कि वो बातचीत और कूटनीति के ज़रिए इस युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी कीमत पर सरेंडर नहीं करेगा! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पिछले कुछ समय से कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा! इसी बीच अब इस युद्ध में एक नया मोड़ आ गया है!

ईरान को मिला अमेरिका से प्रस्ताव

ईरान-अमेरिका युद्ध में एक ऐसा मोड़ आ गया है, जिससे इसके जल्द ही खत्म होने की उम्मीद एक बार फिर जाग उठी है! ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने ईरानी कैबिनेट को बताया कि उन्हें अमेरिका की तरफ से एक प्रस्ताव मिला है! इस बारे में ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी (Fatemeh Mohajerani) ने जानकारी दी है!

क्या है अमेरिकी प्रस्ताव में?

अमेरिकी प्रस्ताव में किन बातों और शर्तों का ज़िक्र किया गया है, फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है! यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली - यूएनजीए (United Nations General Assembly - UNGA) के 81वें में शामिल होने के लिए ईरान के प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अराघची भी न्यूयॉर्क गए थे! इस दौरान उन्होंने मध्यस्थों से मुलाकात भी की! वापस ईरान लौटने के बाद हुई कैबिनेट मीटिंग में उन्होंने अपने इस दौरे का विस्तृत ब्यौरा दिया और साथ ही अमेरिकी पक्ष का प्रस्ताव भी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) को सौंपा!

क्या फिर से लागू होगा शांति-समझौता?

कतर समेत अन्य मध्यस्थ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को खत्म करवाने और जून में दोनों देशों के बीच लागू हुए शांति-समझौते को फिर से लागू करने के लिए पूरी कोशिश रहे हैं! मध्यस्थ न सिर्फ दोनों देशों से अलग-अलग बात कर रहे हैं, बल्कि दोनों पक्षों तक एक-दूसरे की बात भी पहुंचा रहे हैं! इस युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में काफी नुकसान हो चुका है और अगर युद्ध और आगे बढ़ा, तो नुकसान भी बढ़ेगा, जिसका असर न सिर्फ दोनों देशों और मिडिल ईस्ट पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी इससे प्रभावित होगी।