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ईरान ने किया जेडी वेंस का दावा खारिज, परमाणु निरीक्षकों को नहीं दी जाएगी जांच की अनुमति

Iran-US Peace Deal: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के दावे को ईरान की तरफ से खारिज कर दिया गया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।

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Jun 23, 2026
Esmail Baghaei
इस्माइल बघाई (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने से न सिर्फ एक बड़ा युद्ध खत्म हुआ, बल्कि मिडिल ईस्ट (Middle East) में शांति की स्थापना भी हुई और साथ ही ईरान और अमेरिका के संबंधों में सुधार की शुरुआत भी। स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) के बर्गनस्टॉक (Bürgenstock) के दोनों पक्षों के बीच मीटिंग भी हुई, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) भी मौजूद रहे। इस बातचीत के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि ईरान की तरफ से परमाणु निरीक्षकों को देश में जांच की अनुमति दी जाएगी। इस बयान पर अब ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

परमाणु निरीक्षकों को नहीं दी जाएगी जांच की अनुमति

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने वेंस के दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने दावा किया था कि ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को देश में प्रवेश की अनुमति दे दी है, जिसके तहत वो ईरान के परमाणु प्रोग्राम की जांच करेंगे। हालांकि बघाई ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency - IAEA) के साथ सहयोग पुराने सुरक्षा समझौतों के तहत ही जारी रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा और न ही इस एजेंसी के निरीक्षकों को देश में किसी तरह की जांच करने दी जाएगी। बघाई ने साफ कर दिया कि अमेरिका से शांति समझौते के तहत ईरान ने IAEA के साथ कोई नई प्रतिबद्धता नहीं की है।

ट्रंप का दावा भी झुठलाया

बघाई के इस बयान के वाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का दावा भी झूठा साबित हो गया है। ट्रंप ने भी दावा किया था कि ईरान की तरफ से परमाणु निरीक्षकों को ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा, लेकिन ईरान का ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर अभी भी दोनों देशों के बीच विस्तार से चर्चा नहीं हुई है, लेकिन ऐसा जल्द ही हो सकता है। गौरतलब है कि इस मामले पर ही अभी तक दोनों देशों के बीच सहमति बनी बनी है।