Iran-US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच शांति-समझौता नहीं होने के पीछे कौन ज़िम्मेदार है? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मामले में एक बड़ा आरोप लगाया है।
अमेरिका (United States of America) और ईरान (Iran) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) की मध्यस्थता में बातचीत जारी है। हालांकि सीज़फायर के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है। दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो रहे हैं और इसी वजह से अब तक शांति-समझौता करने में असमर्थ रहे हैं। इसी बीच अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने इस मामले में एक बड़ा आरोप लगाया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री अराघची (ABbas Araghchi) ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations - UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) से कहा कि अमेरिका की हद से ज़्यादा मांगों की वजह से दोनों देशों के बीच शांति-समझौता नहीं हो पा रहा है। अमेरिका ने ईरान के सामने हद से ज़्यादा मांगें रख दी हैं और इसी वजह से शांति-वार्ता में परेशानी आ रही है। गुटेरेस से फोन पर हुई बातचीत में अराघची ने कहा कि अमेरिका ने बार-बार वादे तोड़कर, विरोधाभासी रुख अपनाकर और सैन्य आक्रामकता दिखाकर कूटनीति को कमजोर किया है, लेकिन ईरान युद्धविराम वार्ता में शामिल है।
इसी बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बड़ा दावा किया है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस (White House) में नए फेडरल रिज़र्व चेयरमैन केविन वार्श (Kevin Warsh) के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ट्रंप ने आर्थिक संदेशों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका की सैन्य स्थिति पर भी बात की। ट्रंप ने कहा, "अमेरिका से डील करने के लिए ईरान बेताब है, लेकिन अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखेगा क्योंकि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। हमारे पास दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली सेना है। देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन हमने उन पर घातक हमले किए हैं क्योंकि हमारे पास कोई विकल्प नहीं था।"
इसी बीच अब पाकिस्तानी आर्मी चीफ, फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज़ आसिम मुनीर (Asimr Munir) एक बार फिर ईरान पहुंच गए हैं। शुक्रवार को मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) पहुंचे। मुनीर का यह ईरान दौरा कुछ ही समय में उनका दूसरा ईरान दौरा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले पाकिस्तानी आर्मी चीफ अप्रैल में ईरान गए थे। अमेरिका और ईरान के बीच शांति-समझौते के लिए मुनीर का यह ईरान दौरा बेहद ही अहम है।