
रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच 24 फरवरी, 2022 को शुरू हुए युद्ध को एक दिन बाद 2 साल पूरे हो जाएंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के यूक्रेन पर कब्ज़ा करने की इच्छा की वजह से ही इस युद्ध की शुरुआत हुई थी। हालांकि इतने समय के युद्ध के बाद भी पुतिन यूक्रेन पर कब्ज़ा नहीं कर पाए और युद्ध अभी भी जारी है। हालांकि रूस की सेना ने यूक्रेन में काफी तबाही मचाई है और इस युद्ध की वजह से यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, पर रूस और रुसी सेना को भी इस युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। साथ ही यूक्रेनी सेना कई इलाकों से रुसी सेना को खदेड़ भी चुकी है। इतने लंबे समय तक इंटरनेशनल सपोर्ट की मदद से यूक्रेन की सेना भी रूस की सेना का डटकर सामना कर रही है। पर अब यूक्रेन की मिलने वाली मदद में कमी आ गई है। पर इतने समय की जंग की वजह से रूस के पास भी हथियारों की कमी हो गई है। ऐसे में रूस की मदद करने के लिए ईरान (Iran) आगे आया है।
भेजी 100 से ज़्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें
जानकारी के अनुसार ईरान ने रूस को हाल ही में 100 से ज़्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें भेजी हैं। ये बैलिस्टिक मिसाइलें सरफेस-टू-सरफेस हैं और इन्हें एक सरफेस से दूसरे पर टारगेट करते हुए हमले के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ये बैलिस्टिक मिसाइलें 300 से 700 किलोमीटर तक की रेंज कवर कर सकती हैं।
पहले भी ईरान कर चुका है रूस की मदद
यह पहला मौका नहीं है जब ईरान ने रूस की मदद की है। इससे पहले भी इस युद्ध में ईरान की तरफ से रूस की मदद की जा चुकी है। यूक्रेन पर हमले में रूस ने ईरान के भेजे हुए ड्रोन्स का काफी इस्तेमाल किया है।
यह भी पढ़ें- स्पेन के अपार्टमेंट में लगी भीषण आग, 4 लोगों की मौत