
Iran-US War Update: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ गुस्सा भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के पोस्टर और होर्डिंग पर पत्थर फेंके, अमेरिका और ब्रिटेन के झंडे जलाए और बदला लेने की मांग वाले पोस्टर लहराए।
सोशल मीडिया पर वायरल ड्रोन फुटेज में तेहरान की सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ दिखाई दी। खामेनेई और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के ताबूत एक विशेष वाहन में रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान भीड़ को गर्मी से राहत देने के लिए हेलीकॉप्टर से पानी का छिड़काव भी किया गया।
जनाजे के दौरान जैसे ही जुलूस एक पुल के नीचे पहुंचा, वहां लगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े होर्डिंग पर लोगों ने पत्थर फेंके। इस होर्डिंग पर लिखा था- अमेरिका ने हमारे पिता की हत्या की है, हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं, इसका बदला खून से लेंगे।
यही नहीं कई प्रदर्शनकारियों ने तो अमेरिका और ब्रिटेन के झंडों को आग के हवाले कर दिया। कुछ लोग ट्रंप, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरों वाले पोस्टर लेकर चल रहे थे। इन पोस्टरों में सभी को निशाने पर दिखाया गया था और उन पर अंग्रेजी में ‘There will be blood’ लिखा था।
इसके अलावा कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में अंग्रेजी में ‘KILL TRUMP’ लिखे पोस्टर भी नजर आए। वहीं, बड़ी संख्या में लोग ईरान के झंडे और खामेनेई के समर्थकों के बैनर लेकर जुलूस में शामिल हुए।
बता दें रविवार को खामेनेई के तीन बेटों ने ताबूत के पास नमाज अदा की। हालांकि, उनके बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दिए।
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में वह घायल हो गए थे। माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों और स्वास्थ्य संबंधी वजहों से वह अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
बता दें खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पिछले शुक्रवार से जारी हैं। शुरुआत में उनका पार्थिव शरीर तेहरान में आम लोगों और विदेशी प्रतिनिधियों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके बाद शनिवार और रविवार को भी बड़े पैमाने पर शोक सभाएं आयोजित की गईं।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह उनका पार्थिव शरीर क़ुम और पड़ोसी देश इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें ईरान के मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हालिया संघर्ष के बाद भले ही प्रारंभिक शांति समझौता हो चुका हो, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ प्रस्तावित शांति वार्ता अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के कारण एक सप्ताह के लिए टाल दी गई है। वहीं, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोमवार को कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह इजरायल को खत्म करने की योजना का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई ईरानी नेता इसी तरह की योजना पर काम करेगा तो उसके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी।