
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी। (फाइल फोटो: ANI. )
Donald Trump-Giorgia Meloni Controversy : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच हंसी मजाक में शुरू हुआ फोटो विवाद दो राष्ट्र प्रमुखों के बीच तनाव में बदल गया है। ध्यान रहे कि ट्रंप की ओर से पिछली बार एक बार फिर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को उकसाने के बाद मामला गर्मा गया था और मेलोनी ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया था, लेकिन अब इटली की छोटी पार्टी एजियोन के नेता कार्लो कैलेंडा ने उन्होंने मेलोनी का समर्थन करते हुए एक्स पर लिखा,'ट्रंप एक नीच आदमी, घटिया गुंडा है।"
ध्यान रहे कि मेलोनी कभी ट्रंप की मुखर समर्थक थीं और 2025 में उनके शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने वाले एकमात्र यूरोपीय नेता थीं। तब उन्होंने अच्छे ट्रांसअटलांटिक संबंधों के महत्व पर जोर दिया। पिछले महीने मेलोनी ने ट्रंप पर उनके बारे में मनगढ़ंत कहानी गढ़ने का आरोप लगाया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक इतालवी टीवी चैनल को बताया था कि फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में उन्होंने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उनकी खुशामद की थी।
इस सप्ताह तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ट्रंप और मेलोनी के शामिल होने के कारण ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर मेलोनी की एक तस्वीर पोस्ट कर इस विवाद को फिर से हवा दे दी, जिसमें मेलोनी उनकी ओर देख रही थीं और कैप्शन में लिखा था "रोक लगाने का आदेश आवश्यक है।
रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने इटली के टीवी को बताया कि इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा,'मैंने (पोस्ट पर) कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, सबसे महत्वपूर्ण बात अमेरिका जैसे प्रमुख सहयोगी के साथ संबंध बनाए रखना है । उन्होंने कहा, "लोग आते-जाते रहते हैं लेकिन रिश्ते बने रहते हैं।'
ट्रंप-मेलोनी विवाद हंसी मजाक से शुरू हुआ और बाद में मामला बढ़ गया। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच एक हाई-प्रोफाइल कूटनीतिक और व्यक्तिगत मतभेद भर है। शुरू में उन्हें वैचारिक रूप से सहयोगी माना जाता था, लेकिन ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने से इटली के इनकार के बाद उनके रिश्ते खराब हो गए और इसके बाद G7 शिखर सम्मेलन की एक तस्वीर को लेकर उनके बीच तीखी सार्वजनिक बहस भी हुई।
यह अप्रेल 2026 की बात है, जब अंतरराष्ट्रीय विवादों को लेकर दोनों के बीच तनाव पैदा हो गया। मेलोनी ने ट्रंप के सोशल मीडिया पर पोप लियो के खिलाफ अपनाए गए रुख की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। इसके जवाब में यह तर्क दिया गया कि इटली ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का पूरी तरह से समर्थन नहीं किया था और कथित तौर पर मेलोनी की हिम्मत की कमी के कारण इटली ने इस अभियान के लिए कुछ घरेलू हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी, जिसे अमेरिकियों ने ठुकरा दिया था। जून 2026 के मध्य में हुए G7 शिखर सम्मेलन के समय फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित 'ग्रुप ऑफ सेवन' की बैठक के दौरान नेताओं ने एक-दूसरे के साथ व्यापक चर्चा की थी।
ट्रंप ने 19–20 जून, 2026 की समिट के बाद एक इटैलियन टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। उन्होंने दावा किया कि मेलोनी ने उनसे फोटो के लिए "मिन्नत" की थी और उन्होंने इसलिए हामी भरी क्योंकि उन्हें "मेलोनी पर तरस आ गया।" उसके बाद 20 जून, 2026 को मेलोनी ने सोशल मीडिया (और एक इंस्टाग्राम वीडियो) पर पलटवार किया। ट्रंप के बयान को "पूरी तरह से मनगढ़ंत' बताते हुए उन्होंने कहा, 'इटली और मैं कभी किसी के सामने गिड़गिड़ाते नहीं हैं,' और उन्हें अपनी लोकप्रियता पर ध्यान देने की सलाह दी।
मेलोनी की इस प्रतिक्रिया को इटली की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से खूब समर्थन मिला। बाद में जून 2026 के आखिर तक कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया, जब इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने वाशिंगटन की अपनी तय यात्रा रद्द कर दी और यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप के निर्देशों का खुल कर विरोध करने का पक्का इरादा दिखाया।
बहरहाल, मेलोनी के बारे में ट्रंप के मजाक से शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ गया है। तुर्की में जुलाई 2026 में होने वाले नाटो समिट से पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस मुद्दे को फिर से हवा दी। मामला तब और गरमा गया जब उन्होंने मुस्कुराती हुई मेलोनी की एक फोटो शेयर की और साथ में कैप्शन लिखा,'उन्हें एक रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है।'
Updated on:
06 Jul 2026 04:51 pm
Published on:
06 Jul 2026 04:51 pm
