
Kuwait Missile Attack: खाड़ी देश (Gulf Region) इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान पर सख्त समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू करने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि ईरान घुटने टेक देगा। लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि उसके पास अमेरिकी चक्रव्यूह को तोड़ने के कई मजबूत और अचूक रास्ते मौजूद हैं। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में रॉकेट और ड्रोन हमलों की झड़ी लग गई है, जिससे कुवैत और बहरीन जैसे देशों में युद्ध का खौफ पैदा हो गया है।
तनाव का सीधा असर अब पड़ोसी अरब देशों पर दिखने लगा है। कुवैत की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि वह देश की सीमा में घुस रहे ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों का आक्रामक जवाब दे रही है। कुवैती प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और बंकरों या सुरक्षित स्थानों के करीब रहें। वहीं, बहरीन में भी देर रात हवाई हमले के सायरन (Air Raid Sirens) बजने से हड़कंप मच गया। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों को तुरंत नजदीकी सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने की हिदायत दी है।
वहीं ईरान की सेना ने कहा कि उसने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और वेपन स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया। सेना ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के अजराक एयर बेस स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। इसके अलावा बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हथियार और सैन्य उपकरणों के स्टोरेज फैसिलिटी को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान जल्द ही अमेरिका के साथ वार्ता की मेज पर नहीं आएगा, तो अगले सप्ताह से अमेरिकी सेना ईरान के बिजलीघरों और प्रमुख पुलों को निशाना बनाएगी।
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि हम कल रात भी जोरदार हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी हमला होगा। अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर होगी। तब ईरान के बिजलीघर और पुल हमारे निशाने पर होंगे। अगर ईरान बातचीत के लिए नहीं आया तो हम उसकी बिजली व्यवस्था और महत्वपूर्ण पुलों को तबाह कर देंगे।