Iran-US Israel War: युद्ध के बीच ईरान के लिए परेशानी और बढ़ सकती है क्योंकि इराक में मौजूद ईरानी कुर्द समूह ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है। अमेरिका से इसे लेकर चर्चा की जा रही है जिसके बाद हमले की रणनीति तय की जाएगी।
Iran-US Israel War: मिडिल ईस्ट में इन दिनों भयानक महायुद्ध छिड़ा हुआ है। इजरायल अमेरिका और ईरान (Iran) के बीच शुरू हुई जंग के चलते तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। भारी नुकसान के बावजूद भी दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है जिसके चलते स्थिति और अधिक बिगड़ती जा रही है। इसी बीच अब ईरान के लिए एक और बूरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल से दोतरफा वार झेल रहे ईरान के दुश्मनों की संख्या में शायद बहुत जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। खबरों के अनुसार ईरान का एक और दुश्मन उस पर जल्द ही हमला करने वाला है। यह दुश्मन इराक (Iraq) में मौजूद ईरानी कुर्द समूह है और ऐसा दावा किया जा रहै है कि यह समूह ईरान पर हमले की पूरी योजना तैयार कर चुका है।
अमेरिका की तरफ से अगर कुर्द समूह को समर्थन मिलता है तो वह जल्द ही ईरान पर हमला कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसके चलते ईरान के हालात और भी खराब हो सकते है। उत्तरी ईराक की कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (Kurdistan Freedom Party) के अधिकारी खलील नादिरी ने इस मामले में बयान देते हुए सीमा पर उनके लड़ाको के होने की बात की पुष्टि की है। नादिरी ने बुधवार को बताया कि उनके कुछ लड़ाके ईरान की सीमा के पास पहुंच गए है और कुछ अमेरिकी नेताओं से इसे लेकर चर्चा की गई है।
हालांकि अमेरिकी की तरफ से कुर्द समूह को समर्थन देने को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। बल्कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (US Defense Secretary Pete Hegseth) तो यह भी कह चुके है कि अमेरिका का मकसद किसी समूह को हथियार देने या उसके समर्थन पर आधारित नहीं है। हेगसेथ ने आगे कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि अन्य समूह क्या कर रहे है, लेकिन अमेरिका की रणनीति उन पर निर्भर नहीं करती है।
बता दें कि कुर्द समूह ईरान के खामेनेई शासन का विरोध करने वाले समूहों में सबसे संगठित और एक मजबूत समूह माना जाता है। कुर्द ईरान और इराक के कुछ हिस्सों में रहने वाला एक जातीय समूह है। यह मुख्य रूप से उत्तरी सीरिया के पहाड़ी इलाकों के और तुर्किये के दक्षिण-पूर्वी हिस्से, उत्तरी इराक, उत्तर-पश्चिमी ईरान में रहते है। इस समूह के पास हजारों की संख्या में प्रशिक्षित लड़ाके मौजूद है, जिनके पास इस्लामिक स्टेट के साथ युद्ध का काफी अच्छा अनुभव है।