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‘ट्रंप और बाइडेन की हत्या का था प्लान’, पाकिस्तानी युवक ने ईरान की साजिश का किया खुलासा

Middle East tensions: पाकिस्तानी युवक ने कहा कि मेरे परिवार को खतरा था और मुझे यह करना पड़ा। उसे 12 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

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भारत

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Ashib Khan

Mar 05, 2026

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-IANS)

Iran Israel Tensions: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है। इसी बीच अमेरिका में आतंकी साजिश के प्रयास के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे पाकिस्तानी युवक ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आसिफ मर्चेंट ने न्यूयॉर्क की अदालत में गवाही दी है। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उसे 2024 में ईरान की अर्धसैनिक इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक हैंडलर ने हाई-प्रोफाइल नेताओं की हत्या की साजिश के लिए भर्ती किया था। उसके मुताबिक, निशाने पर डोनाल्ड ट्रंप, बाइडेन और पूर्व संयुक्त राष्ट्र राजदूत निक्की हेली थे।

युवक ने किया बड़ा दावा

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी युवक ने कहा कि मेरे परिवार को खतरा था और मुझे यह करना पड़ा। उसे 12 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उसने दावा किया कि वह जानता था कि उसे पकड़ लिया जाएगा और वह अमेरिकी एजेंसियों के साथ सहयोग करने की योजना बना रहा था।

साजिश हुई नाकाम

दरअसल, पाकिस्तानी युवक मर्चेंट ने खुद हत्या को अंजाम नहीं देना था, बल्कि उसकी भूमिका योजना बनाने और लक्ष्यों की गतिविधियों की रेकी करने की थी। उसने दो कथित शूटरों को 5,000 डॉलर टोकन के तौर पर देने की व्यवस्था भी की थी। हालांकि, जिन लोगों को वह हिटमैन समझ रहा था, वे दरअसल अंडरकवर FBI एजेंट निकले और पूरी साजिश नाकाम हो गई।

वहीं अभियोजन पक्ष का कहना है कि मर्चेंट ने गिरफ्तारी से पहले कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क नहीं किया। इस पर उसने कहा कि उसे लगा एजेंसियां उसकी बात पर विश्वास नहीं करेंगी और उसे सुपर-स्पाई समझ रही थीं।

तनाव के बीच आई गवाही

दरअसल, पाकिस्तानी युवक की गवाही ऐसे समय में आई है जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं रिवोल्यूशनरी गार्ड को अमेरिका द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन माना जाता है।