विदेश

Iran US MoU: ईरान-यूएस तनाव के बीच बड़ा दांव! तेहरान ने मिडटर्म चुनाव से पहले वॉशिंगटन को दिया MoU पर वापसी का न्योता

Strait of Hormuz Crisis: ईरान ने अमेरिका को दिया बातचीत का संकेत, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव अभी बरकरार। UN महासभा में नेताओं के बयानों से साफ हुआ कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य, परमाणु मुद्दा और क्षेत्रीय सुरक्षा सबसे बड़े सवाल बने हुए हैं।
2 min read
• •
Sep 25, 2026
Iran US MoU Deal
Iran US MoU Deal: मसूद पेजेशकियन UN भाषण : मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका को MoU पर लौटने का संदेश Photo source: ANI

Iran America Deal: संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से ईरान ने अमेरिका के सामने कूटनीतिक रास्ता खोलने की कोशिश की है। तेहरान चाहता है कि वॉशिंगटन नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले उस समझौते (MoU) में वापस आए, जो क्षेत्रीय तनाव कम करने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने से जुड़ा था। ईरान-अमेरिका संबंधों में बढ़ती तल्खी के बीच यह पहल पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम संकेत मानी जा रही है।

Iran US MoU: संयुक्त राष्ट्र महासभा: ईरान की अमेरिका से कूटनीतिक बातचीत की इच्छा

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान ईरान ने अमेरिका के साथ फिर से कूटनीतिक बातचीत की इच्छा जताई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले उस समझौते (MoU) में वापस आए, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलना था।

समाचार एजेंसी अल जज़ीरा (Al Jazeera) की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेशकियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर कहा कि ईरान अमेरिकी प्रशासन से इस समझौते की दिशा में दोबारा कदम उठाने की उम्मीद करता है। यह MoU अगस्त के मध्य में समाप्त हो गया था, जिसके बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ गई हैं।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का सामरिक और वैश्विक महत्व

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल और गैस के बड़े हिस्से का परिवहन इसी समुद्री रास्ते से होता है। किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया संकट और फिलिस्तीनी प्राधिकरण का रुख

इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में पश्चिम एशिया संकट को लेकर कई देशों ने अपनी चिंताएं रखीं। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अपने संबोधन में कहा कि इजरायल की नीतियां अब केवल दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को प्रभावित नहीं कर रहीं, बल्कि फिलिस्तीनियों के अस्तित्व से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

नेतन्याहू का संबोधन, कतर का खंडन और राजनयिकों का वॉकआउट

वहीं, कतर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें दोहा पर इजरायल के खिलाफ जनमत प्रभावित करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया गया था। कतर ने इन दावों को पूरी तरह अस्वीकार किया।

नेतन्याहू ने UNGA में ईरान के परमाणु ठिकानों पर कार्रवाई को लेकर अपने रुख को दोहराया। उनके भाषण के दौरान कई देशों के राजनयिकों के सभागार से बाहर जाने की खबर भी सामने आई।

फ्रांस की सैन्य पहल और यमन में बढ़ता तनाव

दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनका देश सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह की सुरक्षा के लिए सैनिक और रक्षा प्रणालियां भेजेगा। यह क्षेत्र ऊर्जा परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

यमन में हूती समूह को लेकर भी तनाव जारी है। यमनी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, मोखा और ताइज इलाकों में हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं, 80 देशों के एक समूह ने संयुक्त राष्ट्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को तत्काल खोलने की मांग करते हुए क्षेत्रीय हमलों और व्यापार बाधाओं पर चिंता जताई।

इजरायल-हमास संघर्ष को लेकर भी बयानबाजी तेज रही। हमास ने नेतन्याहू के UN संबोधन को खारिज करते हुए उन पर गलत दावे करने का आरोप लगाया और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों का हवाला दिया।

कुल मिलाकर, संयुक्त राष्ट्र महासभा में पश्चिम एशिया संकट के कई पहलू सामने आए, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच MoU को लेकर उठी पहल ने वैश्विक कूटनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

Updated on:
25 Sept 2026 06:35 am
Published on:
25 Sept 2026 06:06 am
Also Read
View All
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तुरंत खोलो’, UN में बहरीन की अगुवाई में एकजुट हुए 80 देश, वैश्विक व्यापार और भुखमरी पर बड़ी चेतावनी

ईरान ने पेश की 7 दिन की योजना, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज खोलने और शांति वार्ता का दिया प्रस्ताव

Makkah Joint Defence Agreement: हूती हमलों पर लगाम लगाने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान की इमरजेंसी बैठक! क्या होने वाला है बड़ा खेल?

आपदा में मदद के लिए नेपाल ने भारत और चीन का जताया आभार, पीएम बालेन शाह ने यूएन में हिमालयी जलवायु तंत्र का रखा प्रस्ताव

Iran US Conflict: ईरान युद्ध खत्म करने की चाबी अमेरिका के हाथ में? राष्ट्रपति पेजेशकियां के बयान से बढ़ा तनाव