
US conflict: मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि यमन में जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय संकट को और गहरा कर दिया है। तेहरान ने संभावित अमेरिकी हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच खाड़ी देशों ने टकराव रोकने और संप्रभुता के सम्मान की अपील की है।
मध्य-पूर्व में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसे अमेरिका की ओर से संभावित नए सैन्य हमलों की योजना की जानकारी मिली है। इसके बाद तेहरान ने वॉशिंगटन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई नया हमला किया गया तो प्रतिक्रिया “बिना किसी सीमा” के होगी।
यह जानकारी Al Jazeera की लाइव रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसमें ईरान-अमेरिका तनाव, यमन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति से जुड़े ताजा घटनाक्रमों को शामिल किया गया है।
ईरान की चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और तेहरान के बीच पहले से ही सैन्य और राजनीतिक तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान को लेकर विकल्पों में या तो उसे पूरी तरह कमजोर करना या फिर किसी समझौते तक पहुंचना शामिल है। ट्रंप के बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दूरी और बढ़ने के संकेत मिले हैं।
क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए कतर ने भी चिंता जाहिर की है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ते टकराव पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसमें सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान हो और कोई भी देश दूसरे के लिए खतरा न बने।
विशेषज्ञों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
इस बीच यमन में भी संघर्ष जारी है। अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। इसके पीछे यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित गठबंधन के बीच जारी लड़ाई को प्रमुख कारण बताया गया है।
यमन के अल-जौफ प्रांत में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत की खबर सामने आई है। हूती राजनीतिक परिषद के प्रमुख महदी अल-मशात ने सऊदी अरब पर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित नाकाबंदी के लिए उसे मुआवजा देना होगा।
मध्य-पूर्व संकट का असर इजरायल और फिलिस्तीन क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में गोली लगने से एक इजरायली नागरिक की मौत हुई। इजरायली सेना ने दावा किया कि हमलावर हमास से जुड़ा व्यक्ति था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, एक कथित वाहन हमले के दौरान एक फिलिस्तीनी व्यक्ति की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में एक साथ बढ़ती हिंसा ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास तनाव को कम कर पाएंगे या हालात और ज्यादा सैन्य टकराव की ओर बढ़ेंगे।