
US-Iran War Update: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को सुपुर्दे-खाक किया जा चुका है। जनाजे में लाखों लोग शामिल हुए थे। कई देशों ने उनके जनाजे में अपना जनप्रतिनिधि भी भेजा था। भारत भी उनमें शामिल है। ईरान के लोगों का गुस्सा जनाजे में साफ दिख रहा था। लोगों के हाथों में किल ट्रंप का झंडा भी था। इसी गुस्से और आक्रोश के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने अमेरिका को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। अगर पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन यानी कि एमओयू का उल्लंघन हुआ तो देश पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है।
गालिबाफ ने ये भी कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियों में कभी कोई कमी नहीं की है और किसी भी विश्वासघात की स्थिति में मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
ईरानी संसद अध्यक्ष ने इंडोनेशिया की पीपुल्स कंसल्टेटिव असेंबली के अध्यक्ष अहमद मुजानी के साथ मुलाकात के बाद जारी आधिकारिक बयान में कहा कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से साफ शब्दों में कहा था कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
गालिबाफ ने आगे कहा- मेरे विचार में वही देश अमेरिका से बातचीत कर सकता है, जो युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो। हमने अपने देश की रक्षा की तैयारियां कभी नहीं रोकी हैं। यदि अमेरिका किसी भी समझौते से पीछे हटता है, तो हम पूरी ताकत से अपनी रक्षा करेंगे और ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा करेंगे।
गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हाल ही में धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को निशाना बनाने के लिए अमेरिका की 1,000 मिसाइलें पूरी तरह र तैनात हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई कोशिश की गई तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर जवाब देने के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, "अगर ईरान की सरकार दुनिया के कई हिस्सों में दी गई अपनी उस धमकी पर अमल करती है, जिसमें अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति यानी मेरी हत्या या हत्या की कोशिश करने की बात कही गई है, तो ईरान पर निशाना साधने के लिए 1,000 मिसाइलें पूरी तरह तैयार और तैनात हैं। इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें भी दागी जाएंगी।"