
चीन-ताइवान में फिर बढ़ा तनाव (सोर्स: ANI)
China-Taiwan Latest Update: एक तरफ मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दूसरी तरफ ताइवान और चीन के बीच मतभेद एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल ही में ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके आसपास चीन का एक नौसैनिक युद्धपोत और एक आधिकारिक सरकारी जहाज सक्रिय देखा गया। मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की सशस्त्र सेनाओं ने दोनों जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखी और स्थिति के अनुसार जवाबी कार्रवाई के लिए रेडी भी है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार सुबह 6 बजे चीन का एक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) का युद्धपोत और एक सरकारी जहाज ताइवान के आसपास देखा गया।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि इस दौरान ताइवान के आसपास किसी चीनी सैन्य एयरक्राफ्ट की गतिविधि दर्ज नहीं की गई। इसी वजह से इस बार हवाई मार्ग का मैप भी जारी नहीं किया गया।
इससे पहले शुक्रवार को भी ताइवान ने चीन की सैन्य गतिविधियों का पता लगाया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उस दिन चीन के दो सैन्य विमान, पांच नौसैनिक जहाज और तीन आधिकारिक जहाज ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए थे। ताइवान ने कहा कि उसकी सेना ने सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और आवश्यक कदम उठाए हैं।
दरअसल, चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और लंबे समय से ‘वन चाइना’ नीति के तहत उस पर अपना दावा करता रहा है। दूसरी ओर, ताइवान की अपनी लोकतांत्रिक सरकार, सेना और अलग प्रशासनिक व्यवस्था है। वह खुद को अलग राष्ट्र मानता है।
यही कारण है कि दोनों पक्षों के बीच संप्रभुता को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान के आसपास अपने सैन्य अभ्यास और नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।
इस महीने की शुरुआत में चीन ने अमेरिका से भी ताइवान से जुड़े मुद्दों पर सावधानी बरतने की अपील की थी। तब अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर आए थे। तब उन्होंने कहा था कि ये दो देशों का मसला है। खुद ही सुलझा लेंगे। लेकिन जैसे ही ट्रंप अमेरिका में लैंड किए, उन्होंने अपने बयान पलट दिया। उन्होंने कहा कि ताइवान के साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं कर सकता। अमेरिका उसकी रक्षा करता रहेगा। यही कारण है कि ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच भी लंबे समय से रणनीतिक मतभेद बने हुए हैं।
वहीं भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बताया था कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में कहा था कि दोनों देशों को मतभेदों को बढ़ाने के बजाय उन्हें दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।
Updated on:
11 Jul 2026 07:24 pm
Published on:
11 Jul 2026 07:24 pm
