
अफ्रीकी देश कांगो में खतरनाक इबोला बीमारी तेजी से फैल रही है । ( फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)
DR Congo Ebola Positive Case Exceed : अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में खतरनाक इबोला बीमारी के प्रकोप के 1,800 से अधिक मामले सामने आए हैं। दक्षिण कैरोलिना गणराज्य में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़ कर 1,830 हो गई है, जिनमें 648 मौतें शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इबोला वायरस का यह प्रकोप पूर्वी प्रांतों इटुरी, उत्तरी किवू और दक्षिणी किवू में बहुत ज्यादा है। ध्यान रहे कि जून 2026 में, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में बंडीबुग्यो वायरस के कारण फैले इबोला के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए रेड क्रॉस के कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे।
जानकारी के अनुसार पिछले महीने, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अब तक के दूसरे सबसे बड़े प्रकोप के दौरान अफ्रीका के बाहर इबोला का पहला मामला सामने आया है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि डीआरसी में एक मिशन से लौटने के बाद फ्रांस में एक एक मानवीय सहायता कर्मचारी मरीज इस वायरस से संक्रमित पाए गए। फ्रांस में सामने आया यह अपनी तरह का पहला मामला है।
चिकित्सकों के अनुसार यह मुख्य रूप से अत्यधिक संक्रामक बंडीबुग्यो वायरस से संचालित होता है। अमेरिकी रोग नियंत्रण व रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले एक अमेरिकी नागरिक में वायरस का संक्रमण पाया गया है । निदान के बाद, रोगी और अन्य उच्च जोखिम वाले संपर्कों को जर्मनी में विशेषीकृत नियंत्रण सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस महामारी का कारण बंडीबुग्यो वायरस है, जिसकी ऐतिहासिक मृत्यु दर 30% से 50% तक रही है और वर्तमान में इसके लिए कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में 80% तक नए मामलों का मौजूदा रोगियों से को संबंध नहीं है, जो दर्शाता है कि इस बीमारी का प्रसार काफी हद तक अनदेखे ही रह गया है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने एक बयान में कहा कि वह मरीज के नियोक्ता संगठन, अन्य संघीय एजेंसियों और डीआरसी में साझेदारों के साथ मिलकर आगे संक्रमण रोकने और उच्च जोखिम वाले संपर्कों की पहचान करने में मदद कर रहा है मरीज के बारे में और कोई जानकारी जारी नहीं की गई है। सीएनएन ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए सीडीसी और विदेश विभाग से संपर्क किया है।
सीडीसी की वेबसाइट पर जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है और अमेरिकी जनता व यात्रियों के लिए कुल मिलाकर खतरा कम बना हुआ है। इसमें कहा गया है कि यह प्रकोप दक्षिण कैरोलिना और पड़ोसी युगांडा के दूरदराज इलाकों तक ही सीमित है और इसके अमेरिका तक फैलने का जोखिम बहुत कम है।
इंटरनेशनल चैरिटी 'सर्व' ने बताया कि अमेरिकी ईसाई मिशनरी डॉ. पीटर स्टैफोर्ड में वायरस जैसे लक्षण दिखने के बाद वे पॉजिटिव पाए गए। ऑर्गेनाइजेशन ने बताया कि जब बीमारी का प्रकोप शुरू हुआ, तो उनकी पत्नी डॉ. रेबेका स्टैफोर्ड और एक और डॉक्टर डीआरसी में मरीजों का इलाज कर रहे थे। वहीं, स्टैफोर्ड के चार बच्चों, जो सभी सात साल से कम उम्र के थे, उन पर वायरस के लक्षणों के लिए नजर रखी जा रही थी। यह परिवार, 2021 से डीआरसी में रह रहा था, उसे बर्लिन (जर्मनी) ले जाया गया, जहा स्टैफोर्ड को क्वारंटीन में रखा गया और अस्पताल में इलाज किया गया।
Updated on:
11 Jul 2026 04:56 pm
Published on:
11 Jul 2026 04:38 pm
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