Middle East Crisis: ईरान-अमेरिका युद्ध खत्म होता हुआ नहीं दिख रहा है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा था। जिसे अमेरिका ने अब ठुकरा दिया है।
Iran America War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। युद्धविराम लागू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नई शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान दुनिया के साथ खेल खेल रहा है और अब उसकी चालें ज्यादा दिन नहीं चलेंगी।
दरअसल, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा था। माना जा रहा था कि इससे दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ सकती है और वेस्ट एशिया में जारी तनाव कम हो सकता है। लेकिन ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह स्वीकार नहीं करने वाला बता दिया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्होंने ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों के रिस्पांस को पढ़ा और उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। ट्रंप ने इसे बिलकुल नहीं मानने वाला बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान वास्तव में शांति चाहता है, तो उसे सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोलना होगा। अमेरिका ने इसे अपनी सबसे बड़ी शर्तों में शामिल किया है। दूसरी तरफ ईरान चाहता है कि युद्ध पूरी तरह खत्म घोषित किया जाए और उस पर दबाव की राजनीति बंद हो। दोनों देशों के बीच युद्ध और गहराता जा रहा है।
युद्धविराम के बावजूद समुद्र में जहाजों को लेकर टकराव जारी है। कई जहाजों को रोका जा रहा है। कुछ को जब्त किया गया और खाड़ी देशों से जुड़े क्षेत्र में हमले की खबरें भी सामने आई हैं। अगर यह तनाव और बढ़ता है तो इसका सीधा असर तेल की सप्लाई और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से पेश किए गए 'चार-सूत्रीय शांति प्रस्ताव' का समर्थन करने की बात कही है। ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान हमेशा शांति चाहता है। हम हमेशा से शांति और स्थिरता के पक्ष में रहे हैं। चीन ने जो प्रस्ताव पेश किया है वो न केवल निष्पक्ष है, बल्कि यह फिलहाल चल रहे वैश्विक संकटों को समाप्त करने का एक रोडमैप है।