विदेश

Iran US Deal: ईरान-अमेरिका समझौते की डेडलाइन खत्म, गाजा पर भी घमासान; मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव

Israel Gaza Conflict: तेहरान से लेकर गाजा तक कूटनीतिक कोशिशों के बीच सैन्य बयानबाजी ने चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने दुश्मनों को ‘रणनीतिक सरप्राइज’ के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है, जबकि गाजा में शांति योजना का रास्ता इजरायल की आपत्तियों से उलझा हुआ है।
2 min read
Aug 17, 2026
Iran US MoU
Iran US MoU

Iran US War: मध्य-पूर्व में एक साथ कई मोर्चों पर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुआ अंतरिम समझौता आज खत्म होने की कगार पर है, लेकिन युद्ध रोकने और स्थायी समाधान निकालने पर बातचीत अटकी हुई है। इसी बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपनी सैन्य रणनीति में बड़ा बदलाव करने के संकेत दिए हैं। दूसरी तरफ गाजा में शांति योजना को आगे बढ़ाने के लिए हमास और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच मिस्र में बातचीत हुई है।

Iran US MoU: समझौते की समयसीमा, लेकिन समाधान दूर

ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुआ समझौता युद्धविराम और आगे की बातचीत के लिए अहम आधार माना गया था। लेकिन दोनों पक्षों के बीच इसके पालन को लेकर जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। अब इसकी समयसीमा समाप्त हो रही है और स्थायी समझौते की दिशा में कोई स्पष्ट सफलता सामने नहीं आई है।

सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों, सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। मध्यस्थ देशों की कोशिशों के बावजूद तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीधी सहमति बनना मुश्किल नजर आ रहा है।

ईरान का बदला सैन्य रुख

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जवानी ने कहा है कि देश की सैन्य रणनीति रक्षात्मक रुख से आगे बढ़कर अधिक आक्रामक स्वरूप अपना सकती है। उनके मुताबिक नई रणनीति का लक्ष्य संभावित हमलों को पहले ही निष्क्रिय करना और अधिकतम प्रतिरोधक क्षमता कायम करना है।

जवानी ने नए कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी के नेतृत्व में सैन्य ढांचे में बदलाव का संकेत देते हुए विरोधियों को चेतावनी दी कि उन्हें अप्रत्याशित रणनीतिक कदमों के लिए तैयार रहना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान-अमेरिका बातचीत पहले ही बेहद नाजुक दौर में है।

गाजा में कुश्नर-हमास बातचीत से उम्मीद

उधर मिस्र के अल-अलामीन में अमेरिकी दूत जारेड कुश्नर और हमास नेता खलील अल-हय्या के बीच गाजा शांति योजना को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई। अमेरिकी प्रस्ताव में हमास के निरस्त्रीकरण, इजरायली सैनिकों की वापसी और गाजा में नागरिक प्रशासन की स्थापना जैसे मुद्दे शामिल हैं।

हमास ने योजना के प्रति सशर्त समर्थन जताया है, लेकिन वह इजरायल से सैन्य कार्रवाई रोकने और वापसी की मांग कर रहा है। वहीं इजरायल हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण को अपनी प्रमुख शर्त बता रहा है। यही मतभेद शांति प्रक्रिया की राह में सबसे बड़ी अड़चन बने हुए हैं।

वेस्ट बैंक से होर्मुज तक बढ़ी चिंता

वेस्ट बैंक के कुसरा गांव में भी तनाव जारी है, जहां फिलिस्तीनी परिवारों के घरों को लेकर इजरायली सैनिकों और बस्तियों से जुड़े तनाव की खबरें सामने आई हैं। दूसरी ओर, क्षेत्रीय कूटनीति में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी अहम मुद्दा बना हुआ है। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर किसी भी बड़े तनाव का असर तेल आपूर्ति और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ईरान-अमेरिका वार्ता, गाजा शांति योजना और इजरायल-लेबनान तनाव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक मोर्चे पर सैन्य टकराव बढ़ा तो उसका असर पूरे क्षेत्र की कूटनीतिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

Updated on:
17 Aug 2026 07:20 am
Published on:
17 Aug 2026 06:34 am