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जंग के बीच अमेरिका-इजराइल को बड़ा झटका, रूस-चीन ने होर्मुज को लेकर उठाया बड़ा कदम

Iran US War Latest Update: रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-इजराइल समर्थित प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है। 11 देशों के समर्थन के बावजूद प्रस्ताव पास नहीं हो सका, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका-इजराइल को बड़ा झटका।

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Apr 07, 2026
Iran US War Update

Iran US War Update: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़े प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो लगा दिया है, जिससे यह प्रस्ताव पास नहीं हो सका। यह मतदान ऐसे समय हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई समय-सीमा खत्म होने के करीब है।

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11 देशों का समर्थन, फिर भी प्रस्ताव खारिज

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यीय परिषद में इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 देशों ने मतदान किया, जबकि रूस और चीन ने विरोध किया। पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल-जयानी ने कहा कि इस प्रस्ताव का पारित न होना दुनिया के लिए गलत संदेश है।

क्या था प्रस्ताव और क्यों अहम था?

यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। दुनिया के कुल तेल का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है और मौजूदा युद्ध के दौरान ईरान द्वारा रास्ता बाधित किए जाने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है।

बार-बार बदला गया प्रस्ताव

बहरीन द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को कई बार बदला गया ताकि रूस और चीन इसका विरोध न करें। शुरुआती मसौदे में 'हर जरूरी कदम' उठाने की अनुमति थी, जिसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल हो सकती थी। लेकिन रूस, चीन और फ्रांस के विरोध के बाद इसे बदलकर केवल 'रक्षात्मक उपायों' तक सीमित कर दिया गया।

बाद में इसे और कमजोर किया गया और इसमें संयुक्त राष्ट्र की ओर से किसी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश भी हटा दिए गए।

प्रस्ताव में क्या कहा गया था?

अंतिम प्रस्ताव में देशों से अपील की गई थी कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए आपसी समन्वय करें। इसमें वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा देने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को बाधित करने की कोशिशों को रोकने पर जोर दिया गया था।

साथ ही, प्रस्ताव में ईरान से तत्काल जहाजों और नागरिक ढांचे पर हमले रोकने और समुद्री मार्गों को खुला रखने की मांग की गई थी।

ट्रंप की चेतावनी और बढ़ता दबाव

इस वोटिंग से ठीक पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि 'पूरा देश एक रात में खत्म किया जा सकता है' और 'आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।'

रूस-चीन का रुख और बढ़ता टकराव

संयुक्त राष्ट्र में रूस और चीन ने इस पूरे संकट के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि सबसे जरूरी कदम युद्ध को तुरंत खत्म करना है। इस प्रस्ताव का गिरना यह दिखाता है कि वैश्विक शक्तियों के बीच इस मुद्दे पर गहरी असहमति बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

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