
Iran Israel Conflict: ईरान को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव अब एक और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयान के बीच यमन की राजधानी सना पर हवाई हमलों ने क्षेत्रीय संघर्ष की चिंता बढ़ा दी है। इसी दौरान ओमान के तट के पास तेल टैंकर पर हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में विस्फोट की खबरों ने समुद्री सुरक्षा को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। आने वाले फैसले का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। यमन की सऊदी समर्थित सरकारी सेनाओं ने हूती नियंत्रण वाले सना में हवाई हमले किए हैं। क्षेत्र में जारी लड़ाई का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है और विस्थापन का संकट लगातार गहरा रहा है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के संबंध में फैसला आने वाला है और सवाल सिर्फ इतना है कि रास्ता “आसान होगा या कठिन।” ट्रंप की इस टिप्पणी को तेहरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है
तनाव का असर समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी के अनुसार शनिवार को ओमान के तट के पास एक कच्चे तेल के टैंकर को निशाना बनाया गया। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज पर विस्फोट की सूचना दी है। यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी बड़ी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकता है।
दूसरी ओर, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच कैदियों की रिहाई से जुड़ी खबर भी सामने आई है। ईरानी दूतावास के मुताबिक, यूएई ने लंबे समय से जेल में बंद कुछ ईरानी नागरिकों को रिहा किया है। इसे क्षेत्र में जारी तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर एक सकारात्मक घटनाक्रम माना जा सकता है।
हवाई संपर्क को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान और इराक के बीच विमान सेवाएं दोबारा शुरू होने की तैयारी है। ईरानी एयरलाइंस इराक के नजफ हवाई अड्डे के लिए प्रतिदिन 40 उड़ानें संचालित करेंगी।
इस बीच गाजा और दक्षिणी लेबनान में भी हिंसा थमी नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।