
Iran US Conflict: ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हुए हमले को लेकर अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। इसी बीच यमन के हूती हमलों, सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा लेबनान में इजरायली कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की संभावना जताई है, लेकिन तेहरान ने अपनी शर्तें पूरी होने तक वार्ता से इनकार कर दिया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की ओर से दावा किया गया था कि पनामा के झंडे वाला तेल टैंकर El Gaia होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंग से टकराया। हालांकि, अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को सीधे चुनौती दी है।
CENTCOM के अनुसार, टैंकर पर पिछले महीने ईरानी मिसाइल से हमला हुआ था। इसके बाद सप्ताहांत में ओमान के तट के पास पानी में खड़े इसी जहाज को ईरानी ड्रोन ने फिर निशाना बनाया। यह घटनाक्रम दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला है।
समाचार एजेंसी अल जज़ीरा (Al Jazeera) के अनुसार, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला अमेरिका करेगा कि उसे बातचीत में शामिल होना है या नहीं।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने ट्रंप के बयानों को विरोधाभासी बताया। उनका कहना है कि तेहरान अपनी निर्धारित शर्तें पूरी हुए बिना अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के प्रतिबंधों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान में सामाजिक अस्थिरता पैदा करना है।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं।
दूसरी ओर, हूती और यमनी सरकारी अधिकारियों ने दावा किया कि हूती लड़ाकों ने लाल सागर में ग्रेटर और लेसर हनीश द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी विमानों ने यमन के छह प्रांतों में 58 हवाई हमले किए।
यमन की सरकारी सेनाओं
ने भी लाल सागर के तटीय इलाकों में धुबाब और अल-खोखा के पास हूती ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाने की बात कही है।
लेबनान के दक्षिणी कस्बे कफ्र तिबनित में एक सार्वजनिक स्कूल की इमारत इजरायली हमले में नष्ट होने की खबर है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने हवाई तस्वीरों के आधार पर इमारत को ध्वस्त किए जाने की जानकारी दी।
वहीं ईरान के होर्मोजगान प्रांत में करगान बंदरगाह के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर ड्रोन हमले की सूचना है। लारक द्वीप के आसपास लापता मछुआरों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।
इस बीच अमेरिका के विरोध के बाद ईरान के परमाणु प्रमुख को वियना में होने वाले अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होने से रोके जाने की खबर भी सामने आई है। इससे परमाणु मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा सकता है।