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Iran War: लाल सागर और कैस्पियन समुद्र तक फैला ईरान युद्ध, हूतियों के हमले से जल उठा सऊदी का तेल प्लांट

Iran War Latest Update: ईरान युद्ध अब लाल सागर और कैस्पियन सागर तक फैल गया है। हूतियों ने सऊदी अरामको तेल प्लांट पर हमला किया।
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Jul 26, 2026
Red sea
लाल सागर। (फाइल फोटो- IANS)

ईरान युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के हमलों में थोड़ी रुकावट के बावजूद, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल प्लांट पर हमला बोल दिया है। वहीं कैस्पियन सागर में भी एक ईरानी जहाज पर हमला हुआ है।

इन घटनाओं से साफ संकेत मिलता है कि युद्ध जल्दी थमने वाला नहीं है और इससे दुनिया भर के तेल सप्लाई और शिपिंग रूट प्रभावित हो सकते हैं।

हूती समूह के प्रवक्ता याह्या सारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने सऊदी अरब की अरामको कंपनी के जिजान और यंबू इलाकों में तेल संबंधी जगहों पर हमले किए।

धुएं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

जिजान रिफाइनरी की तरफ से उठते धुएं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एशिया के कुछ ट्रेडर्स ने बताया कि वहां फ्यूल और तेल भंडारण स्थलों को नुकसान पहुंचा हो सकता है।

यंबू में दो बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिका की पैट्रियट सिस्टम ने रोक लीं। ये सिस्टम ग्रीक सैनिक चला रहे थे। यंबू सऊदी का बड़ा तेल पोर्ट है, जो हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से बचकर तेल भेजने का वैकल्पिक रास्ता बन गया है। जिजान रिफाइनरी रोजाना चार लाख बैरल तक तेल प्रोसेस कर सकती है।

इस हमले से यमन का पुराना गृहयुद्ध फिर भड़कने का खतरा बढ़ गया है। सऊदी समर्थित यमन सरकार के एयरफोर्स ने भी हूती ठिकानों पर हमले किए। इससे पहले सऊदी गठबंधन ने होदेदाह पोर्ट पर बमबारी की थी।

कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हमला

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन पर आरोप लगाया कि उसके जहाज पर हमला हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कैस्पियन सागर में लंबी दूरी के हमलों की सफलता की बात कही।

उन्होंने सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों का जिक्र किया, लेकिन देश का नाम नहीं बताया। इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने कहा कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक ब्लॉकेड पूरी तरह लागू है, लेकिन पिछले 13 दिनों से चल रहे हमलों को रोका गया है।

ट्रंप हमेशा से कूटनीति पसंद करते

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ट्रंप हमेशा से कूटनीति पसंद करते हैं, लेकिन ईरान को दिखा दिया गया है कि गंभीर बातचीत न करने पर क्या होगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अब बड़े हमलों की अपनी पुरानी योजना पर ब्रेक लगा दिया है। सलाहकारों के साथ चर्चा में चिंता जताई गई कि युद्ध बढ़ने से हथियारों का स्टॉक कम हो जाएगा, खाड़ी के सहयोगी देश नाराज होंगे और दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

Updated on:
26 Jul 2026 06:47 am
Published on:
26 Jul 2026 06:47 am