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डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी विदेश मंत्रालय का जवाब – ‘ऐसा कोई हथियार नहीं जो बातचीत और शांति की जगह ले सके’

Iran-US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहाँ ईरान को धमकी देने और डील करने की बात एकसाथ कर रहे हैं, तो आईआरजीसी भी जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है। इसी बीच अब ईरान के विदेश मंत्रालय की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है।
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भारत

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Tanay Mishra

Sep 23, 2026

Esmaeil Baghaei

इस्माइल बघाई (Photo - ANI)

यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली - यूएनजीए (United Nations General Assembly - UNGA) के 81वें सत्र में मंगलवार को अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने संबोधन में कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है, या तो ईरान के साथ डील की जाए, या फिर ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाए। ट्रंप की इस धमकी पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान पर हमला किया गया, तो ज़बरदस्त और पहले से भी ज़्यादा घातक जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच अब ईरान के विदेश मंत्रालय की तरफ से बयान सामने आ गया है।

"ऐसा कोई हथियार नहीं जो बातचीत और शांति की जगह ले सके"

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) का कहना है कि बातचीत और शांति की जगह कोई हथियार नहीं ले सकता। ईरानी मीडिया एजेंसी के अनुसार बघाई ने कहा, "शांति का मतलब सिर्फ युद्ध न होना नहीं है; इसमें सुकून और समृद्धि भी शामिल है। दुश्मन के आक्रामक हथियारों की असरदार क्षमता को कम करने के मामले में बातचीत और शांति का मुकाबला कोई हथियार नहीं कर सकता।"

अमेरिका के साथ शांति समझौता फिर लागू करने की हो रही है कोशिश

सीज़फायर खत्म होने के बाद से अभी तक ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को फिर से लागू करने पर सहमति नहीं बन पाई है। इस मामले पर ईरान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अली ज़ेनीवंद (Ali Zeynivand) ने हाल ही में बात करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ मुद्दों को सुलझाने और शांति समझौता (इस्लामाबाद मेमोरेंडम - Islamabad MoU) फिर से लागू करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें चल रही हैं। ज़ेनीवंद ने इस मामले पर अमेरिका से समझौते के तहत किए गए वादों का पालन करने को कहा है। ज़ेनीवंद ने कहा कि हाल ही में भारत की राजधानी दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) 2026 के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) शामिल हुए और इस बारे में विस्तार से बातचीत भी की। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation - SCO) का 2026 बिश्केक SCO शिखर सम्मेलन जिसका आयोजन किर्गिस्तान के बिश्केक हुआ था, के दौरान भी ईरानी राष्ट्रपति ने कूटनीति के ज़रिए शांति समझौता फिर से लागू करने के विषय में चर्चा की थी।