
अहमद अल-शरा (Photo - Video Screenshot from @AJEnglish)
सीरिया (Syria) के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (Ahmed al-Sharaa) एक समय अमेरिका(United States of America) के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में थे। लेकिन अब उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का सहयोगी माना जाता है। ट्रंप उन्हें पिछले साल व्हाइट हाउस में आमंत्रित भी कर चुके हैं जहाँ दोनों की मुलाकात हुई थी। अल-शरा के सीरियाई राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप का सीरिया के प्रति रवैया बदला है और उन्होंने सीरिया को अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत भी दी है। लेकिन अब अल-शरा ने ट्रंप पर तंज कसा है।
यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली - यूएनजीए (United Nations General Assembly - UNGA) के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए अल-शरा भी न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। इस दौरान ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए अल-शरा ने कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने गोलान हाइट्स को इज़रायल का बताया, तो उन्होंने कहा, “आप गोलान हाइट्स के बजाय न्यू जर्सी को इज़रायल के हवाले क्यों नहीं कर देते? गोलान हाइट्स तो आपके पास है ही नहीं कि आप उसे इज़रायल को दे सकें, लेकिन न्यू जर्सी तो आपके पास है।”
अल-शरा ने आगे कहा, "मेरा मानना है कि न्यू जर्सी में बहुत सारे डेमोक्रेट्स हैं और वो ट्रंप को वोट नहीं दे रहे हैं। इसलिए न्यू जर्सी को इज़रायल को दे देना अच्छा रहेगा। कम से कम यह ऐसी चीज़ है जिस पर अमेरिका का हक है। गोलान हाइट्स पर ट्रंप या अमेरिका का हक नहीं है। इस मज़ाक से हटकर बात करें तो गोलान हाइट्स सीरिया का हिस्सा है और उस पर वहाँ के लोगों का ही हक है। यह न तो सीरिया के राष्ट्रपति का है, न ही अमेरिका राष्ट्रपति का और न ही किसी और व्यक्ति का कि वह इसे छोड़ दें या दूसरों को सौंप दें।"
गोलान हाइट्स इज़रायल और सीरिया के बीच लंबे समय से चला आ रहा क्षेत्रीय विवाद है। यह क्षेत्र सीरिया के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। 1967 के युद्ध में इज़रायल ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था। 1973 के योम किप्पुर युद्ध के बाद 1974 में युद्धविराम समझौता हुआ, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक बफर ज़ोन बनाया गया। 1981 में इज़रायल ने गोलान हाइट्स कानून पारित कर इसे अपने कानून, प्रशासन और अधिकार क्षेत्र के अधीन कर लिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 497 ने इसे अवैध घोषित किया। ज़्यादातर देश इसे अभी भी सीरिया का क्षेत्र मानते हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2019 में ट्रंप ने पहली बार गोलान हाइट्स पर इज़रायली संप्रुभता को मान्यता दी। 2026 में कोलंबिया ऐसा करने वाला दूसरा देश बना। 2024 में सीरिया में असद शासन के पतन के बाद इज़रायल ने बफर ज़ोन में आगे बढ़कर गोलान हाइट्स के अतिरिक्त इलाके पर भी कब्ज़ा कर लिया। इसी वजह से सीरिया और इज़रायल में विवाद चल रहा है। सीरिया इसे अपना क्षेत्र बताता है और वापसी की मांग करता है। वहीँ इज़रायल इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ज़रूरी मानता है।
Updated on:
23 Sept 2026 06:41 pm
Published on:
23 Sept 2026 06:24 pm
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